October 22, 2017

20-सूत्रीय कार्यक्रम की बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो अधिकारी-विनय

                          3851 एससी व्यक्तियों को लाभान्वित करके 161
प्रतिशत लक्ष्य हासिल

नाहन, 7 जुलाई-जिला योजना,विकास एवं 20-सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की
अध्यक्षता करते हुए मुख्य संसदीय सचिव श्री विनय कुमार ने सभी विभागाध्यक्षों
को निर्देश दिए कि वह इस महत्वपूर्ण बैठक में व्यक्तिगत रूप से भाग लेना
सुनिश्चित करें ताकि गैर सरकारी सदस्यों द्वारा इस कार्यक्रम से संबन्धित पूछे
गए प्रश्नों का जवाब मौके पर दिया जा सके। उन्होने कहा कि अपरिहार्य कारणों के
चलते अधिकारी बैठक में भाग न लेने की स्थिति में उन्हें उपायुक्त सिरमौर से
इजाजत लेनी अनिवार्य होगी।
श्री विनय कुमार ने जानकारी दी कि 20-सूत्रीय कार्यक्रम के अन्र्तगत विभिन्न
विभागों के माध्यम से गत वर्ष के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के 2387 व्यक्तियों
के मुकाबले 3851 व्यक्तियों को लाभान्वित करके 161 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करके
रिकार्ड स्थापित किया गया। उन्होने बताया कि 20-सूत्रीय कार्यक्रम का उददेश्य
समाज के जरूरतमंद एवं निर्धन लोगो का सामाजिक - आर्थिक उत्थान करना है तथा
अधिकारियों का कर्तव्य बन जाता है कि वह इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से
कार्यान्वित करके समाज के निचले स्तर पर रहने वाले निर्धन लोगो को लाभान्वित
किए जाए ताकि इस वर्ग के लोग समाज की मुख्य धारा से जुड़ सके।
सीपीएस ने कहा कि जिला में कुछ पेयजल एवं सिंचाई योजनाऐं आईपीएच तथा विद्युत
बोर्ड के आपसी समन्वय न होने के कारण लंबित पडी है जिस कारण इन योजनाओं का लाभ
लोगो को नहीं मिल पा रहा है। उन्होने जिला में कार्यरत सभी एसडीएम को निर्देश
दिए कि इन कार्यो को पूर्ण करने के लिए दोनो विभागो के साथ आवश्यक बैठक करके
विवादित मामलों को निपटा कर कार्य आरंभ किया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होने लोक
निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि जिला की सडको पर चिन्हित ब्लैक स्पाट की
तुरन्त मुरंमत करवाई जाए ताकि वाहन दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके।
उन्होने जानकारी दी कि सरकार द्वारा आईपीएच एवं लोक निर्माण विभाग को किसी भी
योजना की डीपीआर तैयार के लिए आउट-सोर्सिंग करने की शक्तियां प्रदान की गई है
ताकि स्टाफ  की कमी अथवा अन्य कारणों से कोई भी योजना अधर में न रहे। उन्होने
गैर सरकारी सदस्यों द्वारा मिड-हिमालय की कार्यशैली पर उठाए गए प्रश्न पर
प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए परियोजना के अधिकारियों को निर्देश दिए कि
मिड-हिमालय के माध्यम से चयनित पंचायतों में करवाए जा रहे कार्यो में
पारदर्शिता लाने के साथ-साथ लोगो की सहभागिता को भी सुनिश्चित किया जाए ताकि
इस परियोजना का लाभ चयनित पंचायतों के लोगो को मिल सके।
उपायुक्त सिरमौर श्री विकास लाबरू ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैर
सरकारी सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों को गंभीरता से ले तथा उन्हें सटीक और
तथ्यो पर जवाब दिया जाए ताकि प्रश्नकर्ता सही जवाब से संतुष्ट हो सके। उन्होने
कहा कि गत तीन वर्षो से सिरमौर जिला में 20-सूत्रीय कार्यक्रम के तहत बेहतरीन
कार्य होने से प्रदेश में अव्वल स्थान प्राप्त हुआ है तथा इस वर्ष भी संबन्धित
अधिकारी इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित करके निर्धारित समय से
पहले लक्ष्य को प्राप्त करे ताकि जिला का गौरव कायम रह सके।
अतिरिक्त उपायुक्त श्री मनमोहन शर्मा ने मुख्य अतिथि एवं सभी गैर सरकारी एवं
सरकारी सदस्यों का स्वागत करते हुए गत वर्ष के दौरान 20-सूत्रीय कार्यक्रम के
तहत अर्जित उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया।
बैठक में विधायक पच्छाद  श्री सुरेश कश्यप, विधायक पांवटा श्री किरनेश जंग, वन
अरण्यपाल श्री राकेश गुप्ता, जिला में कार्यरत समस्त एसडीएम एवं बीडीओ तथा सभी
विभागो के वरिष्ठ अधिकारी और गैर सरकारी सदस्यों ने भाग लिया।

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