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मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना के तहत बिझड़ी में 8, 10,000 रूपये की राशि व्यय

हमीरपुर, 11जुलाई  प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न
वर्गों के लिये अनेकों कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की गईं हैं ताकि गरीब
एवं असहाय वर्ग इन योजनाओं का लाभ अर्जित कर उत्थान की ओर अग्रसर हो सकें। इन
योजनाओं का मुख्य उद्देश्य नारी वर्ग  को समाज में सशक्त करना है। कल्याणकारी
योजनाओं में महिला एवं बाल विकास विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा समेकित बाल विकास
सेवाएं कार्यक्रम के तहत महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी बिझड़ी नरेन्द्र कुमार ने बताया कि बाल विकास
परियोजना बिझड़ी में गत वर्ष मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत बेहसहारा
महिलाओं / लड़कियों की शादी के लिये बिझड़ी में 3 लाख 63 हजार रूपये की राशि
व्यय कर 14 पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है जबकि चालू वित्त वर्ष
में 1,50,000 रूपये की राशि वितरित कर 6 पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया
जा चुका है।
उन्होंने बताया कि माता-शबरी महिला सशक्तिकरण योजना के तहत गरीबी रेखा से नीच
गुजर-बसर कर रही अनुसूचित महिला जाति के परिवारों जिनके पास खाना पकाने की गैस
नहीं है, को गैस कुनैक्श्न प्रदान करने के लिये 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता
है जिसकी अधिकतम सीमा 1300 रूपये निर्धारित है। इस योजना के तहत बिझड़ी में
1,12, 500 रूपये सरकारी अनुदान देकर 75 पात्र महिलाओं को लाभान्वित किया गया
है जबकि चालू वित्त वर्ष में 75 पात्र महिलाओं के आवेदन पत्र स्वीकृति के लिये
प्रस्तुत किये गये है।
मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना के तहत नि:सहाय महिलाओं के अथवा अनाथ बच्चों
जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है के पालन-पोषण के लिये प्रदेश सरकार द्वारा 3000
रूपये के हिसाब से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।  इस योजना के तहत 155
पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने पर 4,65,000 रूपये की राशि मुहैय्या
करवाई गई जबकि चालू वित्त वर्ष में 270 लाभार्थियों को 8, 10,000 रूपये की
राशि वितरित की गई।  विधवा पुर्नविवाह योजना के तहत दम्पत्ति को सहायता राशि
25 हजार रूपये से बढ़ा कर वत
वर्तमान सरकार द्वारा 50 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि कर दी गई । योजना के
तहत एक लाभार्थी को 25 हजार रूपये की राशि मुहैय्या करवा कर प्रोत्साहित किया
गया जबकि चालू वित्त वर्ष में एक लाभार्थी को 50 हजार रूपये देकर प्रोत्साहित
किया गया।
उन्होंने बताया कि बेटी है अनमोल योजना के तहत बीपीएल परिवारों में जन्म लेने
वाली वालिका के नाम 10 हजार रूपये की धन राशि बैंक या डाकघर में जमा करवाई
जाती है तथा 18 वर्ष पूर्ण होने पर संबन्धित पूर्ण राशि ब्याज सहित अदा की
जाती है। इस योजना की पात्रता केवल 2 लड़कियों तक ही है। इस योजना के तहत गत
वर्ष 1, 50,400 रूपये व्यय कर 17 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया जबकि चालू
वित्त वर्ष में 2,40,800 रूपये व्यय कर 28 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा
चुका है। उन्होंने बताया कि इसी योजना के तहत बालिकाओं को शिक्षा के प्रति
प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत पहली कक्षा से तीसरी कक्षा तक 300 रूपये, चौथी
में, 500 रूपये, पांचवीं में 600 रूपये, छठी एवं सातवीं कक्षा में 700 रूपये,
8वीं कक्षा में 800 रूपये, 9वीं एवं 10वीं क क्षा में 1000 रूपये और जमा एक और
जमा दो में अध्ययन हेतू 1500 रूपये की दर से वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा
रही है।
उन्होंने बताया कि इन्दिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना के तहत पात्र महिलाओं को
6000 रूपये की आर्थिक सहायता दो किस्तों में प्रदान की जाती है। इस योजना के
तहत 1741 पात्र लाभार्थियों को 23,45,000 रूपये की राशि वितरित की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि बिझड़ी में 273 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं जिनके माध्यम
से 4,920 बच्चों , 1380 माताओं, 431 किशोरियों को लाभान्वित किया जा रहा है ।
इन आंगनवाडिय़ों में समेकित बाल विकास सेवाएं के माध्यम से  अनौपचारिक
पूर्वशाला शिक्षा, पूरक पोषाहार , प्रतिरक्षण , स्वास्थ्य जांच संदर्भ सेवाएं
तथा स्वास्थ्य एवं पौषाहार सेवाएं दी जा रही है।
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