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1055 हैक्टेयर भूमि पर रोपित होगे 12 लाख पौधे-वन अरण्यपाल


नाहन, 18 जुलाई-वन वृत नाहन में चालू वित वर्ष के दौरान 1055 हैक्टेयर भूमि पर
विभिन्न प्रजातियों के लगभग 12 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिसमें से जिला सिरमौर में 676 हैक्टेयर भूमि पर पौध रोपण किया जाएगा। जिस पर
तीन करोड़ 30 रूपये व्यय किए जाएगे।
यह जानकारी देते हुए वन अरण्यपाल नाहन वृत, श्री राकेश गुप्ता ने बताया कि
नाहन वन वृत के अन्तर्गत सिरमौर जिला के अतिरिक्त सोलन जिला का कुछ भाग शामिल
है तथा विभाग द्वारा वनीकरण कार्यक्रम को जन आन्दोलन बनाने के लिए जन सहभागिता
को सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होने बताया कि वनीकरण कार्यक्रम के लिए विभाग
द्वारा 80 वन विकास समितियां गठित की गई है जिनके माध्यम से इस महत्वपूर्ण
कार्य को सफ ल बनाया जाएगा।
श्री गुप्ता ने बताया कि एनपीवी केमपा अर्थात शुद्ध वर्तमान मूल्य परियोजना के
तहत समूचे वन  वृत में 694 हैक्टेयर भूमि पर सात लाख 64 हजार पौधे लगाए जाएगे,
जिस पर एक करोड़ 95 लाख रूपये की राशी व्यय की जाएगी । जबकि विभागीय वनीकरण
कार्यक्रम के तहत वृत क ी 361 हैक्0 भूमि पर चार लाख पौधे रोपित किए जाएगें,
जिसपर एक करोड़ 27 लाख रूपये की राशी व्यय की जाएगी। उन्होने बताया कि संबधित
क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, वातावरण व जलवायु के अनुसार पौधों का रोपण किया
जाएगा ताकि पौधो की जीवित दर में बढोतरी हो सके।
वन अरण्यपाल ने जानकारी दी कि एक बच्चा एक पौधा कार्यक्रम के तहत सिरमौर जिला
के 425 स्कूलों में आठवी से जमा दो कक्षा में पढऩे वाले लगभग 65 हजार बच्चों
को शामिल किया जा रहा है। उन्होने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत शिक्षण
संस्थानों की 72 हैक्टेयर भूमि पर स्कूली बच्चों द्वारा पौध रोपण किया जाएगा,
जिस पर 15 लाख रूपये की राशी व्यय की जाएगी। उन्होने बताया कि स्कूल परिसर में
रोपित किए जाने वाले पौधों का रखरखाव संबधित स्कूल प्रबंधन समितियों  द्वारा
किया जाएगा।
उन्होने बताया कि राष्ट्रीय बांस मिशन परियोजना के तहत जिला में 20 हैक्टेयर
भूमि पर 8400 बांस के पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसपर साड़े चार
लाख रूपये व्यय किए जाएगे। उन्होने बताया कि पौध रोपण के साथ-साथ पौधों के
रख-रखाव पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि पौधो की जीवित दर में आशातीत बढ़ोतरी
हो सके।
श्री गुप्ता ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में  पर्यावरण का सरंक्षण करना हर
व्यक्ति का नैतिक दायित्व बन गया है तथा लोगों को वनीकरण कार्यक्रम में
बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए तभी पर्यावरण का सरंक्षण होने के साथ साथ वन से
मिलने वाले विभिन्न लाभो का रोजमर्रा जीवन में उपयोग किया जा सकेगा।
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