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हिमाचल प्रदेश को मिले 2500 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्तावः अग्निहोत्री

bbधर्मशाला 08 सितम्बरः हिमाचल के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र उद्यमियों की
पसंदीदा कर्मस्थली बन कर उभरे हैं, शीघ्र ही देवी-देवताओं की इस भूमि को
औद्योगिक राज्य के रूप में भी जाना जाएगा, इसके लिए प्रदेश में उद्योग मित्र
परिवेश निर्मित किया जा रहा है। यह उद्गार उद्योग, श्रम एवं रोजगार, सूचना एवं
जन सम्पर्क मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज कंदरोड़ी में 106 करोड़ रूपये की
लागत से बनने वाले स्टेट ऑफ द आर्ट औद्योगिक क्षेत्र के मुख्यमंत्री हिमाचल
प्रदेश श्री वीरभद्र सिंह द्वारा शिलान्यास करने के उपरांत डाहकुल्हाड़ा में एक
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
     उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश के इच्छुक उद्यमियों को
अत्याधुनिक अधोसंरचनात्मक सुविधाएं, रियायती दरों पर बिजली की आपूर्ति व
समयबद्ध अनुमतियां प्रदान करने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमने हमने इमरजिंग हिमाचल अभियान के अंतर्गत मुम्बई, अहमदाबाद
तथा बैंगलुरू में सफलतापूर्वक निवेशक मीट का आयोजन किया है। इसे निवेशक मीट
में हिमाचल प्रदेश को 2500 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए
हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में हमारी
सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध करवा रही है।
         उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में जवाबदेह, पारदर्शी व
उत्तरदायी प्रशासन प्रदान करने के प्रति वचनबद्ध है। हमारा प्रयास है कि
निवेशकों को विभिन्न औपचारिकताओं को पूरा करने में किसी प्रकार की कोई असुविधा
न हो। केन्द्र सरकार द्वारा ‘‘मेक इन इंडिया’’ कें अंतर्गत व्यापार को और अधिक
सरल बनाने के लिए उद्योग विभाग समयबद्ध पग उठा रहा है।
         उन्होंने कहा कि सरकार संभावित निवेशकों की सुविधाओं के लिए फाईल
ट्रैकिंग प्रणाली आरम्भ करने जा रहे हैं ताकि उन्हें मालूम हो कि उनके आवेदन
पर क्या कार्यवाही हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह के
कुशल नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश आज देश भर में निवेशकों का पसंदीदा स्थल बना
है। यह उनकी ही दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि हिमाचल प्रदेश एशिया का सबसे बड़ा
फार्मा हब बन कर उभरा है।
         उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में औषधीय निर्माण, बागवानी, खाद्य
प्रसंस्करण, कपड़ा उद्योग, पर्यटन, सीमेंट, जल, विद्युत एवं मूलभूत ढांचे जैसे
क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा
संभावित निवेशकों के लिए अनेक प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश में
निवेश प्रोत्साहन प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योग की
मांग के अनुरूप बद्दी में 147 करोड़ रूपये की लागत से एक तकनीकी केन्द्र विकसित
किया जा रहा है। हमारी सरकार ने राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए निवेशकों
को हिमाचल प्रदेश भू-सुधार अधिनियम की धारा 118 को सरल बनाया है।
        उन्होंने कहा कि सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बिजली शुल्क में
कटौती की है तथा 300 से अधिक हिमाचलियों को रोजगार प्रदान करने के लिए
उद्योगों से 5 वर्षों के लिए केवल 2 प्रतिशत विद्युत शुल्क वसूला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में औद्योगिक सलाहकार परिषद्
का गठन किया गया है जो प्रदेश में औद्योगिक विकास के संबंधित सुझाव देगी।
         उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री द्वारा ऊना के पन्डोगा में
150 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले औद्योगिक क्षेत्र का शिलान्यास रखा गया
है जबकि इसी कड़ी में आज कंदरोड़ी में 106 करोड़ रूपये के लागत से बनने वाले
स्टेट ऑफ द आर्ट औद्योगिक क्षेत्र का शिलान्यास किया गया है। इससे प्रदेश के
युवाओं को यहां विभिन्न प्रकार के रोजगार के अवसर उपलब्ध होेंगे तथा स्थानीय
लोगों को भी व्यापार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
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