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हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ चयन बोर्ड द्वारा ड्राईंग टीचर पदों के लिए नए मापदंड निर्धारित करने से प्रदेश के 3306 परिवारों को लगा धक्का : विशाल पठानिया

3 जुलाई शिमला :हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ चयन बोर्ड द्वारा ड्राईंग मास्टर के 22 पदों को भरने के लिए जो आवेदन आमत्रितं किए है उनमें नए मापदंड निर्धारित करने से प्रदेश के 3306 परिवारों को धक्का लगा है। यह सब वर्तमान सरकार की कारगुजारी का नतीजा है। सरकार ने 3306 परिवारों का निवाला मुंह से छीन लिया है। यह बात भाजयुमो मीडिया प्रभारी विशाल पठानिया ने कही। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार बेरोजगारी भत्ता देने जैसे नाटक कर रही है दूसरी ओर स्वयं ही बेरोजगारी को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सरकार से जवाब मांगा है कि उक्त 3306 आवेदनकर्ताओं ने तत्कालीन निर्धारित नियम व मापदंडों के अनुसार ही ड्राईंग मास्टर का कोर्स किया है। अब नए मापदंड इनके ऊपर थोपना नीतिगत नहीं है। उन्होंने बताया कि नए मापदंडों में इसके लिए जमा दो तथा 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी बताया है। वहीं यह मापदंड 3306 अभ्यार्थियों ेके ऊपर भी लागू कर दिए हैं जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि इन अभ्यर्थियों को पुराने नियमों के हिसाब से ही निकाले गए पदों में आवेदन करने के लिए छूट देनी चाहिए । ऐसा न करने में सरकार बेरोजगारी को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि नए नियम व शर्तों के चलते उक्त अभ्यर्थी स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने पिछले कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने एससीवीटी कोर्स शुरू किए थे और अब अपने ही द्वारा निर्धारित किए गए नियमों को बदल कर बेरोजगारों के साथ छलावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजयुमो इसे गंभीरता से लेगा और यदि उक्त अभ्यर्थियों को नए मापदंडों में छूट नहीं दी तो आंदोलन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात को न भूले कि कई अभ्यर्थियों ने लोन लेकर भी यह कोर्स किए हुए हैं। अब सरकार इन्हें रोजगार में न जोड़ कर न केवल आर्थिक तौर पर बल्कि मानसिक तौर भी प्रताडि़त करने जैसा काम कर रही है।

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