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’हिमाचल के गठन में डा. परमार का योगदान अविस्मरणीयःमुख्यमंत्री ’

’अन्तर्राष्ट्रीय रेणुका मेले की सांस्कृतिक संध्या का शुभारम्भ’

मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डा.
यशवन्त सिंह परमार के प्रयासों के कारण हिमाचल भारतीय संघ का 18वां राज्य
बना। उनके अथक प्रयासों से ही प्रदेश विकास की ओर अग्रसर हुआ, जिसके लिये
प्रदेश के लोग हमेशा उनके ऋणी रहेंगे। मुख्यमंत्री गत सांय सिरमौर जिले के
रेणुका में अन्तर्राष्ट्रीय रेणुका मेले की सांस्कृतिक संध्या के शुभारम्भ अवसर
पर बोल रहे थे।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि डाॅ. परमार के देश के तत्कालीन वरिष्ठ कांग्रेस
नेताओं जैसे पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और सरदार बल्लभ भाई
पटेल इत्यादि के साथ मजबूत रिश्ते थे, जिसके चलते उन्हें देश के नेताओं ने
बड़ा मान-सम्मान दिया। डा. परमार ने हिमाचल को अलग से पहाड़ी प्रदेश बनाने की
वकालत की, जबकि कुछ लोग इसका विरोध कर रहे थे, जो हिमाचल के पंजाब में
विलय की बात करते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी में कांगे्रस का महत्वपूर्ण योगदान रहा और
कांग्रेस के नेताओं के लम्बे संघर्ष के परिणामस्वरूप ही हमें आजादी के उत्सव
को मनाने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि हिमाचल की स्थापना का श्रेय डा. परमार
को जाता है और वह सही मायने में हिमाचल निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि
कांगे्रस सदैव राज्य के लोगों की हितैषी रही है, और रहेगी। उन्होंने कहा कि
पूर्ण राज्यत्व का दर्जा प्राप्त करने तथा लम्बे संघर्ष के चलते हिमाचल प्रदेश आज
देश के राज्यों में सर्वाधिक विकसित प्रदेश के रूप में उभर कर सामने आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मौकापरस्त लोग राजनीतिक श्रेय लेना चाहते हैं। उन्होंने
कहा वे आते हैं, देखते हैं और चले जाते हैं तथा आम लोगों के हितों
को दरकिनार करके निजी हितों के लिये कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि कांगे्रस
आम लोगों की पार्टी है तथा लोगों की भलाई के लिये कार्य करती है।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भावी पीढि़यों को प्रदेश की संस्कृति,
रीति-रिवाजों और परम्पराओं का सरंक्षण करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा
कि देव संस्कृति, प्रदेश की परम्पराओं और भाषा को सर्वोच्च सम्मान दिया
जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सिरमौर जिला में हुए विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने
भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आई.आई.एम.) को सिरमौर जिले के कोलर में
खोलने के लिए प्राथमिकता दी है और देश में इस तरह के कुछ ही संस्थान हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सिरमौर जिले के लिए मेडिकल काॅलेज की घोषणा भी
की है। इसके अलावा,
दो अन्य मेडिकल काॅलेज हमीरपुर और चम्बा में खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि
सरकार ने जिले में अनेक स्वास्थ्य और शिक्षा संस्थान खोले हैं और सिरमौर
का विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सिरमौर के लोग भोले-भाले
और मेहनती हैं तथा इनके समुचित विकास की आवश्यकता है।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री का मुख्य संसदीय सचिव श्री विनय कुमार ने स्वागत और सम्मान
किया। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि सिरमौर जिले का विकास कांग्रेस सरकारों के
समय में हुआ है। उन्होंने जिले के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाओं के
लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा क्षेत्र की मांगे भी रखीं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक स्मारिका तथा रेणुका न्यास बोर्ड द्वारा प्रकाशित ‘श्री
रेणूकाजी तीर्थ’ नामक शीर्षक पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने श्री दया राम
शर्मा और पंडित चन्द्रमणी की डीवीडी तथा श्री दिनेश की पहाड़ी गानों की सीडी
‘मुजारा’ का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री जी.आर. मुसाफिर, रोजगार एवं
संसाधन सृजन के अध्यक्ष श्री हर्षवर्धन चैहान, विधायक श्री किरनेश जंग, हिमफैड
के अध्यक्ष श्री अजय बहादुर तथा महिला कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती सत्या परमार ने
भी अपने विचार रखें।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय सोलंकी, पूर्व विधायक श्री कुश परमार,
हिप्र राज्य खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री रमेश चैहान, सिरमौर के उपायुक्त श्री
रितेश चैहान, पुलिस अधीक्षक श्री बलबीर एस. ठाकुर के अलावा जिला के वरिष्ठ
अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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