Header ad
Header ad
Header ad

हाई-वे पर रेहड़ी जान को खतरा

परवाणू —  राष्ट्रीय राजमार्गों पर पाबंदी के बावजूद रेहड़ी-फड़ी वालों का कारोबार नियमों की अनदेखी के बीच पूरी तरह फल-फूल रहा है। इस मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग अथारिटी का लापरवाह पूर्ण रवैया इन अस्थायी दुकानदारों को बढ़ावा भी दे रहा है। एनएच पर इस प्रकार रेहडि़यां लगाकर चांदी कूट रहे बाहरी राज्यों के लोग पर्यटकों की जान के साथ अपनी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। जिन पर किसी तरह की कार्रवाई के साथ जागरूकता जैसे कार्य को अंजाम नहीं दिया जा रहा है। रोजाना राजमार्गों पर चलने वाली सरकार भी इस ओर ध्यान नहीं दे पाई है। प्रदेश के प्रवेश द्वार परवाणू से होकर राजधानी शिमला के लिए जाने वाले एनएच-22 की बात की जाए तो इस राजमार्ग पर सैंकड़ों की तादाद में इस प्रकार की अस्थायी दुकानदारी नजर आएगी, जिसमें विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां, गोलगप्पे व कुलचे के कारोबारी शामिल हैं। इस दुकानदारी को संबंधित विभाग द्वारा हटाने की किसी प्रकार की कार्रवाई पुलिस पर एनएच अथारिटी की ओर से पिछले कई वर्षों से नहीं की गई है। इसी का परिणाम है कि हर साल राजमार्ग पर रेहडि़यों का कारोबार बढ़ता जा रहा है। राजमार्ग पर पर्यटक भी इन रेहडि़यों से सामान की खरीद-फरोख्त करने के लिए वाहनों को यातायात नियमों के विरुद्ध पार्क कर रहे हैं। नतीजा यह रहता है कि रविवार के दिन एक अनियंत्रित कार ने राजमार्ग-22 पर दत्यार के समीप एक रेहड़ी व बाइक को टक्कर मार दी। इससे दो लोगों को हल्की चौटें आई हैं। राजमार्ग पर इन रेहड़ी वालों से स्थानीय पंचायतें भी सफाई कर जैसी वसूली तो कर रही हैं, लेकिन इन्हें राजमार्ग पर खुले स्थानों पर रेहड़ी लगाने को लेकर कोई भी प्रेरित नहीं कर रहा है। रेहड़ी वालों का कहना है कि वह अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी के लिए राजमार्ग पर रेहड़ी लगाते हैं, भले ही इसमें किसी प्रकार का जोखिम ही क्यों न हो।  मामले के संबंध में डीएसपी परवाणू प्रमोद चौहान ने कहा कि राजमार्ग पर सुरक्षा के मद्देनजर रेहड़ीधारकों के साथ एक विशेष बैठक की जाएगी। इसमें सभी रेहड़ीधारकों को एनएच पर खुले व सुरक्षित स्थानों पर अपना कारोबार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनएच पर जाम व दुर्घटनाओं का ग्राफ कम करना पुलिस का लक्ष्य है। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)