October 20, 2017

हाईकोर्ट के फैसले से हजारों कर्मियों को मिलेगा लाभ

शिमला।

प्रदेश सरकार ने शेट्टी कमीशन की सिफारिशों को अमल में लाने के लिए हाईकोर्ट से आठ सप्ताह का समय मांगा है। हाईकोर्ट ने सरकार के आवेदन को स्वीकारते हुए आदेश दिए कि शेट्टी कमीशन की सिफारिशों को आठ सप्ताह के भीतर अमल में लाया जाए। प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव वित्त और प्रधान सचिव विधि अदालत में उपस्थित हुए। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने हाईकोर्ट ज्यूडिशियल एम्प्लाइज द्वारा दायर अवमानना याचिका पर उक्त आदेश पारित किए। उल्लेखनीय है कि 3 जनवरी 2014 को हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि प्रदेश की निचली अदालतों के सैकड़ों कर्मचारियों को पहली अप्रैल 2003 से शेट्टी कमीशन के तहत वेतन और भत्ते दिए जाएं। अदालत ने प्रदेश सरकार द्वारा बनाया गया हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी ;पे अलाउंसिज एंड अदर कंडिशंज ऑफ सर्विस अधिनियम 2005 को निरस्त कर दिया था। अदालत ने अपने आदेशों में कहा था कि यह अधिनियम शेट्टी कमीशन की सिफारिशों के अनुरूप नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी सभी राज्यों को शेट्टी कमीशन की सिफारिशों के अनुसार अधीनस्थ न्यायालयों में कार्य कर रहे कर्मचारियों को वेतन और अन्य भत्ते दिए जाने के आदेश पारित किए थे। वहीं हाइकोर्ट के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को लाभ पहुंचेगा।

 

 

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