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हम पेपर चैक नहीं करेंगे

धर्मशाला, 24 अप्रैल – इन दिनों प्रदेश में शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से डगमगाती हुई नजर आ रही है। बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार प्रदेश के अध्यापकों द्वारा अपनी मांगों को लेकर कर दिया गया था। अब स्कूल अध्यापकों के बाद महाविद्यालयों के प्राध्यापकों ने भी मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने का मन बना लिया है। इससे अब साल भर की मेहनत के बाद परीक्षाएं देने वाले छात्रों को भी अपने परीक्षा परिणाम से वंचित रहने का डर सताने लगा है। गौर हो कि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की फाइनल परीक्षाओं में मूल्यांकन का बहिष्कार राजकीय अध्यापक संघ ने किया था। इस कारण काफी समय तक पेपरों का मूल्यांकन नहीं किया जा सका था। वहीं, अब राजकीय कालेज प्रध्यापक संघ ने परीक्षाओं के मूल्यांकन से ठीक पहले अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। कालेज प्राध्यापकों ने एचपीयू प्रशासन से पिछले दो वर्षों से परीक्षा का मूल्यांकन भत्ता न दिए जाने पर रोष जताया है। कालेज प्राध्यापक संघ का कहना है कि प्रैक्टिकल परीक्षा मूल्यांकन के अमाउंट में भी कोई वृद्धि नहीं की गई है। इस सबसे खफा प्राध्यापक संघ ने 26 अप्रैल से शुरू होने वाले मूल्यांकन का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। संघ ने 25 अप्रैल तक अपनी मांगों को मनवाने का अल्टीमेटम एचपीयू को थमा दिया है। उधर, राजकीय कालेज प्राध्यापक संघ की धर्मशाला इकाई के अध्यक्ष डा. सतीश ठाकुर का कहना है कि लंबे समय से मांगों को उठाया जा रहा है, लेकिन विभाग द्वारा मांगों को अनसुना किया जा रहा है। अब प्राध्यापकों ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने का मन बना लिया है। उन्होंने बताया कि 26 पीरियड लगाए जाने के फरमान का भी विरोध किया जाएगा।

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