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हमीरपुर जिला में फसल विविधीकरण पर खर्च होंगे 16 करोड़ : लखनपाल

38 गांवों के किसानों को मिलेगी सिंचाई की बेहतर सुविधा

हमीरपुर,। हमीरपुर जिला में नकदी फसलों के उत्पादन एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के दृष्टिगत जायका प्रोजेक्ट के तहत 16 करोड़ 43 लाख की राशि व्यय की जाएगी इस के लिए 38 उपपरियोजनाएं तैयार की गई हैं जिसमें पंजाली, दियोट, चलाड़ा, नेरी, समलोग, सेर, धंगोटा लोखरियां, किरवीं, चलैली, अमनेड़, बाहल ठाकरू, ख्याह ब्राह्मणा, मांजरा, ब्राह्मणी मंज, मझोट, डगोह, धुनेतर, अंबोटा, कुठेड़ा, गलोड़ खास, गुरीयां, नाहलवीं, बुद्वाना, जियाना, द्रोंदला, मटोली महारल, चकराला, कसीयाना, मांजरू, अमरोह, भोला, जजरी, चमियाणा, ठारा चमियाणा गांवों में किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि कृषि पैदावार में बढ़ोतरी हो सके। यह जानकारी मुख्य संसदीय सचिव इंद्र दत्त लखनपाल ने सोमवार को मैहरे में लोगों की समस्याएं सुनने के उपरांत दी।
लखनपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश के सत्तर प्रतिशत लोग सीधे तौर पर कृषि पर निर्भर हैं। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि व इससे जुड़े क्षेत्रों का लगभग बीस प्रतिशत योगदान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कृषि को बढ़ावा देने के दृष्टिगत मुख्यमंत्री आदर्श कृषि गांव योजना भी आरंभ की गई है इसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की एक-एक पंचायत के लिए कृषि विकास योजना तैयार की जा रही है, चयनित पंचायत में कृषि संबंधी अधोसंरचना पर दस लाख रूपये की राशि व्यय की जाएगी।
सीपीएस ने कहा कि हिमाचल को सेब के राज्य के रूप में पूरे विश्व में अलग पहचान मिली है तथा अब सब्जी उत्पादन में भी किसान प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं आरंभ की गई हैं तथा किसानों को इन योजनाओं का भरपूर लाभ उठाना चाहिए। इसके उपरांत सीपीएस ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल बड़सर में अक्षम बच्चों को व्हील चेयर भी वितरित की गईं।

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