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सड़को और आईपीएच की लंबित डीपीआरें समयबद्ध तैयार करें अधिकारी-विनय बीस सूत्रीय कार्यक्रम का उददेश्य जरूरतमंद लोगों का सामाजिक आर्थिक उत्थान करना

sनाहन 20 जुलाई-मुख्य संसदीय सचिव, लोक निर्माण श्री विनय कुमार ने लोक निर्माण
और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन
योजनाओं की डीपीआर अभी तक किन्ही कारणों से तैयार नहीं की गई है ऐसे मामलो के
निपटाने के लिए उपायुक्त के साथ एक संयुक्त बैठक शीघ्र आयोेजित करके इस बारे
आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाए ताकि लम्बित पड़ी योजनाओं के कार्यान्वयन के
लिए धनराशि के प्रावधान हेतू मामला सरकार के साथ उठाया जा सके।
मुख्य संसदीय सचिव आज यहां बचत भवन के सभागार में जिला योजना विकास एवं बीस
सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विधायक
डा0 राजीव बिंदल, श्री करनेश जंग, श्री सुरेश कश्यप, उपायुक्त सिरमौर श्री
बलबीर बडालिया सहित जिला के वरिष्ठ अधिकारियों और समिति के गैर सरकारी सदस्यों
ने भाग लिया।
श्री विनय कुमार ने कहा  कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम का उददेश्य  समाज के निर्धन
और जरूरतमंद लोगों का सामाजिक- आर्थिक उत्थान करना है और इस महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के अर्न्तगत जरूरतमंद लोगों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाऐं
कार्यान्वित की जा रही है। उन्होने जानकारी दी कि सिरमौर जिला में अनुसूचित
जाति के 144 परिवारों  को सहायता प्रदान करने के मुकाबले गत वर्ष के दौरान 540
परिवारों को लाभान्वित करके 375 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है।  उन्होने
कहा कि विगत कई वर्षों से जिला सिरमौर प्रदेश में 20 सूत्रीय कार्यक्रम को
बेहतरीन ढंग से कार्यान्वित करने में प्रथम स्थान पर रहा है, और आशा है कि इस
बार भी जिला प्रदेश में अव्वल स्थान प्राप्त करेगा।
उन्होेने जानकारी दी कि जिला में इंदिरा आवास कार्यक्रम के तहत गत वर्ष के
दौरान 392 मकान गरीब लोगों के लिए स्वीकृत किए गए जिनमें से 99 मकानों का
कार्य पूरा हो चुका है और शेष प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण स्वच्छता
कार्यक्रम के तहत बीपीएल परिवारों के लिए 17930 शौचालय स्वीकृत किए गए जिनमें
से 6831 शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इसी प्रकार इस कार्यक्रम
के तहत जिला के 786 स्कूलोंृ और 22 सार्वजनिक स्थलों  में शौचालय निर्मित करने
के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है जिनका निर्माण कार्य प्रगति पर है।
सीपीएस ने जानकारी दी कि मनरेगा के तहत जिला में 77906 जॉबकार्ड जारी किए गए
है और गत वर्ष के दौरान गरीब लोगों को घरद्वार पर वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध
करवाने के दृष्टिगत 21 करोड़ की राशि व्यय करके 14 लाख कार्यदिवस अर्जित किए
गए। इसके अतिरिक्त ग्रामीण सड़क योजना के तहत 14 किमी सड़कों का निर्माण करके
105 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया।

उन्होने बताया कि जिला में गत वर्ष के दौरान विधायक क्षेत्रीय विकास निधी
योजना, सांसद निधी, मुख्यमंत्री ग्राम पथ योजना, डीआईएफ, विकास में जन सहयोग
इत्यादि कार्यक्रम के तहत साढ़े सात करोड़ की राशि व्यय करके 89 विकास कार्य
पूर्ण किए गए । इसके अतिरिक्त पिछड़ा क्षेत्र उप योजना के तहत जिला की चयनित 25
पंचायतों में विभिन्न विकास कार्यों पर एक करोड़ 92 लाख की राशि व्यय की गई।

उन्होने वन विभाग को निर्देश दिए कि बरसात के मौसम में पौधरोपण पर बल देने के
साथ साथ पौधों की जीवित दर पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, तभी इस
कार्यक्रम का उददेश्य सफल होगा।
उपायुक्त सिरमौर श्री बलबीर बडालिया ने मुख्य अतिथि व समिति के गैर सरकारी और
सरकारी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि जिला में विभिन्न योजनाओं के तहत चल
रहे विकास कार्यों के उपयोगिता प्रणाम पत्र अभी तक जमा नहीं किए गए है जिस
कारण लेखा का समायोजन करना कठिन हो रहा है। उन्होने संबधित अधिकारियों को
निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुके विकास कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र 15 दिन
के भीतर प्रस्तुत करें।
उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि 20 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत
निर्धारित लक्ष्यों को समय से पहले पूरा करने के लिए भरसक प्रयास किए जाने
चाहिए ताकि इस कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक गरीब व जरूरतमंद व्यक्ति
लाभान्वित हो सके।
अतिरिक्त उपायुक्त श्री मनमोहन शर्मा ने बैठक के एजेण्डे को बेहतरीन ढंग से
क्रमवार प्रस्तुत किया गया जिस पर बैठक में सदस्यों द्वारा चर्चा भी की गई।
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