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स्वरोजगार के लिए उद्योग विभाग द्वारा युवाओं को दिया जा रहा है औद्योगिक प्रशिक्षणः डीसी

धर्मशाला, 10 जुलाई: जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में युवक-युवतियों को विभिन्न
औद्योगिक व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ग्रामीण दस्तकार योजना
एवं ग्रामीण औद्योगिक योजना को चलाया जा रहा है। यह जानकारी उपायुक्त कांगड़ा
रितेश चौहान ने देते हुए बताया कि वर्ष 2015-16 के लिए 926 अनुसूचित जाति,
पिछड़ा क्षेत्र व अन्य प्रशिणार्थियों का चयन करके विभिन्न ट्रेडों मंे
प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012-13 में 807
प्रशिणार्थियों को 14 लाख 87 हजार 950 रूपये की राशि व्यय करके प्रशिक्षण दिया
गया था, जबकि वर्ष 2013-14 में 880 युवाओं को 16 लाख 28 हजार रूपये की राशि
व्यय करके विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण दिया गया है।
     उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 में 880 अनुसूचित जाति, पिछड़ा क्षेत्र व
अन्य वर्ग के ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के प्रशिक्षण पर 17 लाख 23 हजार 100
रूपये की राशि व्यय की गई। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत युवक-युवतियों
को विभिन्न औद्योगिक व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान करके उनकी कार्यकुशलता को
बढ़ाया जाता है ताकि वे स्व-रोजगार चला सकंे। इस योजना के अंतर्गत सीखने वाले
प्रशिक्षणार्थी को प्रति माह वजीफा तथा सीखाने वाले कामगार को संबंधित विभाग
की ओर से मानदेय दिया जाता है।
     उपायुक्त ने बताया कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2014-15 में
अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति के 55 लोगों को 2 लाख 52 हजार रूपये की सहायता
प्रदान करके इस कार्यक्रम के तहत लाभान्वित किया गया है जबकि वर्ष 2012-13 में
693 लाभार्थियों को 30 लाख की सहायता प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि वर्ष
2013-14 में बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत जिला के 729 लोगों को 91.423
लाख रूपये की सहायता प्रदान करके लाभान्वित किया गया।
     उन्होंने महात्मा गांधी बुनकर बीमा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि
इस योजना के अंतर्गत बुनकर की मृत्यु होने पर 60 हजार रूपये दुर्घटना से
मृत्यु होने पर 1 लाख 50 हजार रूपये तथा पूर्ण विकलांग होने की स्थिति में 1
लाख 50 हजार रूपये तथा आंशिक विकलांग होने पर 75 हजार रूपये देने का प्रावधान
है।
     उन्होंने कहा कि 781 रूपये वार्षिक प्रीमीयम देकर बुनकर अरोग्य बुनकर
बीमा योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है। इसके अंतर्गत प्रति बुनकर ईलाज करवाने
हेतु प्रति परिवार को 15 हजार रूपये तक की वार्षिक राशि प्रदान करने का
प्रावधान किया गया है।
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