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स्वरोजगार के लिए आर्थिक मददगार अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम

मण्डी 11 जुलाई (पूंछी ) अनुसूचित जाति तथा जनजाति परिवारों की आर्थिक स्थिति को समृद्व बनाने तथा युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करवाने के उददेश्य से अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम द्वारा अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है । निगम के माध्यम से अनेक कार्यक्रम तथा योजनाएं चलाई जा रही है तथा इन वर्गो के परिवारों को अपने व्यवसाय को बढाने व स्वरोजगार चलाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है । निगम द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति वर्गो के युवाओं को विभिन्न व्यवसायओं में प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है ।
मण्डी जिला में चालू वित्त वर्ष के दौरान निगम ने 639 अनुसूचित जाति तथा 10 अनुसूचित जनजाति के लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है । निगम द्वारा चलाई जा रही स्वरोजगार योजना के अधीन अनुसूचित जाति एवं जनजाति के निर्धन परिवारों को 50 हजार रूपये तक की परियोजनाएं चलाने के लिए ऋण उपलब्ध करवाया जाता है । यह ऋण उन्हें रियायती ब्याज ड्ढरों पर बैंकों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाता है । चालू वित्त वर्ष के दौरान मण्डी जिला में स्वरोजगार योजना के तहत 476 अनुसूचित जाति व 5 जनजाति के लोगों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से प्रथम तिमाही के अंत तक 95 परिवारों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से 40 लाख 80 हजार रूपये की वितिय सहायता ऋण के रूप में उपलब्ध करवाई गई है ।
अम्बेदकर लघु ऋण योजना के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से अनुसूचित जाति के पुरूष व महिलाओं को छोटे रोजगार आरंभ करने के लिए उनकी लघु ऋण की मांग की पूर्ति हेतू 30 हजार रूप्ये तक की ऋण सहायता प्रदान की जाती है जिसमें निगम द्वारा 10 हजार रूपये तक की पूंजी अनुदान भी दिया जाता है । यह समस्त ऋण 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध करवा जाता है । चालू वित्त वर्ष में इस योजना के तहत जिला में 65 लोगों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है जिनमें से अभी तक 15 लोगों को 7 लाख 35 हजार रूपये वितिय सहायता उपलब्ध करवाई गई हैं । पारम्परिक व्यवसायओं को बढावा देने के लिए निगम द्वारा हस्तशिल्प विकास योजना क्रियान्वित की जा रही है । इस योजना के तहत इस वर्ष 16 व्यक्तियों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य जिला में रखा गया है तथा अभी तक 7 लोगों को 35 हजार रूपये के ऋण उपलब्ध करवाए गए हैं ।
निगम द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के युवाओं को विभिन्न व्यवसायओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है । चालू वित्त वर्ष में इस योजना के तहत जिला में 75 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है ।
जिला प्रबंधक, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम श्री जेएस जस्वाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम की योजनाओं के तहत चालू वित्त वर्ष में जिला में 75 महिलाओं को स्वरोजगार हेतू विभिन्न बैंकों के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाया जाने का लक्ष्य रखा है । इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसी भी जाति से संबंध रखने वाली ऐसी महिलाएं पात्र होगी जिनके परिवार की वार्षिक आये 50 हजार से कम हो ।
उन्होंने जिला के पात्र सभी लोगों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने को कहा है ।

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