Header ad
Header ad
Header ad

स्टैचू ऑफ यूनिटी प्रॉजेक्ट के लिए जबर्दस्ती ली जा रहीं जमीनें

¥vv

केवडिय़ा। भारत में चाय बेचन ेवाले दो लोगों के नसीब बिल्कुल ही जुदा हो सकते हैं। यहां एक तरफ नरेंद्र मोदी हैं, जो बचपन में चाय बेचा करते थे और आज देश के प्रधानमंत्री हैं, वहीं दूसरी तरफ गुजरात के नर्मदा जिले में ही चाय बेचने वाले अम्बालाल तड़वी हैं, जिनको अपने भविष्य का अब कोई ठिकाना नजर नहीं आ रहा। उनकी चाय की दुकान और थोड़ी सी कृषि योग्य भूमि जल्द ही स्टैचू ऑफ यूनिटी प्रॉजेक्ट के लिए ले ली जाएगी, जिसके अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति बनाई जा रही है। अब अम्बालाल और उनकी बेटी को, जो कि साथ ही मिलकर दुकान चलाते हैं, कुछ और काम ढ़ूंढऩा होगा। यह चाय की दुकान उस 20.एकड़ प्लॉट के अंदर आ गया जिसे मार्च 2015 में इस प्रॉजेक्ट के लिए घेरा गया था। शुरू में वहां कई तरह की पाबंदियां भी लगाई गईं थींए लेकिन यहां रहने वाले लोगों के विरोध के बाद हटा ली गईं। हालांकि यहां अभी भी 24.घंटे पुलिस तैनात रहती है। इस प्लॉट को श्रेष्ठ भारत भवन नाम का कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए चुना गया है, जिसमें होटेल्स और बाकी की रिसर्च सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मूर्ति और इस कॉम्प्लेक्स को बनाने का कॉन्ट्रैक्ट लार्सन ऐंड टर्बो को मिला है। खास बात है कि इस जमीन को जवाहरलाल नेहरू सरकार ने सन 1961 में एक नहर बनाने के लिए अधिग्रहित किया थाए लेकिन बाद में प्लान बदल गया और वह नहर कभी बन नहीं पाई।

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)