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सोलन-पीरन-ठूण्ड बस को पुनः आरंभ करने के लिए पीरन के लोगों ने की सरकार से मांग

शिमला जिला के विकास खण्ड मशोबरा की ग्राम पंचायत पीरन और सतलाई के
लगभग 20 गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह से अपील की है, कि
सोलन-पीरन- ठूण्ड बस को पुनः आरम्भ किया जाए। पीरन पंचायत के पूर्व प्रधान
बालकराम निर्मोही, ट्रहाई गांव के सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतम सिंह ठाकुर,
धर्मसिंह, रोशन लाल सहित असंख्य लोगों ने लिखित रूप में मुख्यमंत्री श्री
वीरभद्र सिंह से गुहार लगाई है कि इस बस के बन्द होने से लगभग चार पंचायतों के
लोगों को अपने उत्पाद सोलन मण्डी में पहूंचाने में बहुत परेशानी पेश आ रही है।
        उन्होने कहा कि 6 जनवरी, 1996 को मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह
द्वारा पीरन -जघेड़ का उदघाटन करने के साथ साथ इस सड़क पर सोलन- पीरन बस सेवा को
भी आरम्भ किया गया था, परन्तु पिछले 15 सालों से इस रूट पर चल रही बस को गत
तीन वर्ष से सोलन डिपो के क्षेत्रीय प्रबन्धक द्वारा बन्द कर दिया गया। जिसके
बन्द होने से इस क्षेत्र के लोगों को तब से लेकर बहुत परेशान झेलनी पड़ रही
है।  उन्होने कहा  िकइस क्षेत्र के लोग रीजनल मेनेजर एचआरटीसी से भी कई बार
मिले परन्तु अधिकारी द्वारा बसो की कमी का बहाना करते हुए हर बार पल्ला झाड़
देते थे। इसके उपरांत पूर्व भाजपा सरकार के परिवहन मंत्री श्री महेन्द्र सिंह
ठाकुर से भी एक प्रतिनिधिमण्डल ने भें जनेडघाट प्रवास के दौरान उनसे भेंट की
और उन्होने शीघ्र सोलन-पीरन बस को आरंभ करने का आशवासन दिया। इसी प्रकार पूर्व
मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से भी शिमला में भेट की परन्तु फिर भी कोई
सुनवाई नहीं हुई।
        उन्होने कहा कि राजा वीरभद्र सिंह के सता में आने से इस क्षेत्र के
लोगों को उमीद जागी कि वह उनकी मांग को पूरा करेगें, क्योकि भाजपा द्वारा इस
बस को बन्द किया गया था। उन्होने बताया कि बस को पुनः आरम्भ करने बारे श्री
वीरभद्र सिंह से कई बार इस क्षे़त्र के लोग मिल चुके है परन्तु ऐसा लगता है कि
नक्कार खाने में तूती की आवाज वाली बात चरितार्थ हुई है। मुख्यमंत्री द्वारा
हमारे आवेदन को परिवहन निगम के अधिकारियों को स्ट्रॉंगली रिकोमानडीड करके भेज
दिया जाता है परन्तु निगम के अधिकारियों के उपर किसी का रौब नहीं चलता।
उन्होने कहा कि इस क्षेत्र के लोग गत वर्ष परिवहन मंत्री से भी मिले और
उन्होने आश्वासन दिया था कि 850 नई बसें आने पर इस सेवा को आरंभ कर दिया
जाएगा, नई खेप भी आ गई परन्तु समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
    बालकराम निर्मोही एवं प्रीतम ठाकुर का कहना है कि इस क्षेत्र की जनता को
पूर्व एवं वर्तमान सरकार ने सिर्फ लोलीपॉप ही दिया है। उन्होने कहा कि इस
क्षेत्र के लोगो की मार्किट की सोलन है, जहां पर इस क्षेत्र के लोग अपने
उत्पाद बेचते है, परन्तु बस बन्द होने से छोटे किसान अपने उत्पाद को मण्डीयों
में भेजने से वंचित रह जाते है, यही नहीं अगर कोई बीमार हो जाता है तो लोगो को
सोलन को ले जाने के लिए पहले जघेड़ तक टेक्सी वाले को 300 रूपये देने पड़ रहे
है, क्योंकि इस क्षेत्र के लोगों की पुकार सुनने वाली कोई सरकार नहीं है।
उन्होने कहा कि लोगों द्वारा इस समस्या को ई-समाधान में भी डाला गया परन्तु छः
मास बाद जवाब आया कि मण्डलीय प्रबन्धक  तारादेवी से सम्पर्क करे।
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