October 24, 2017

सेवा कर रहे कम्प्युटर शिक्षक के भविष्य पर सवाल

शिमला, 2 जून- हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने सरकार द्वारा सरकारी स्कूलो मे आईटी के अध्यापको को भरने का स्वागत किया है परंतु वहीँ स्कूलो में पहले से सेवा कर रहे कम्प्युटर शिक्षक के भविष्य पर सवाल खड़ा कर दिया । हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन मिश्रा, प्रदेश प्रवक्क्ता ड़ा. मामराज पुंडीर ने एक संयुक्त प्रैस विज्ञप्ति मे दी। महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता ड़ा मामराज पुंडीर ने कहा कि 757 अध्यापको की नियुक्ति से जहा सरकार ने रोजगार दिया है वही कुछ अध्यापको का रोजगार भी छिन लिया है क्योकि पिछले 8 सालों से यह लोग अपनी सेवाएँ स्कूलों को दे रहे है तथा शिक्षक महासंघ सरकार और शिक्षा विभाग से मांग करता है कि स्कूलों में सेवा कर रहे अध्यापकों का क्या भविष्य होगा। जब उनकी जगह नए अध्यापक लगा दिये है तो पहले लगे अध्यापकों को कहाँ लगाया जाएगा । क्या शिक्षा विभाग इस बात की गारंटी देता है कि इनको नहीं निकाला जाएगा। महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता ड़ा.मामराज पुंडीर ने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान और रामसा मे अपनी सेवाएँ देने वाले बी.आर.सी.सी को अपनी वेतन के लिए चार चार महीने का इंतजार करना पड़ रहा है और कई बी.आर.सी.सी को तो 2011 का डीए एरियर भी आज तक नहीं मिला जिससे अध्यापकों में भारी रोष है। हैरानी बात है कि दिन रात काम करने वाले यह बीआरसीसी अपने वेतन के लिए दर दर की ठोकरे खाने पर मजबूर हो रहे है परंतु शिक्षा निदेशक पर कोई असर नहीं पड़ता। सरकार के आदेशो के मुताबिक बीआरसीसी का वेतन जिले और राज्य में खाली पदो से निकाला जाता है जिससे जब पद भर जाता है तो उस बीआरसीसी का पे लीन किसी खाली जगह बदल दिया जाता है और इस प्रकार बीआरसीसी की सर्विस बूक और पे लीन बदलता रहता है और बीआरसीसी को वेतन के लिए भी घूमना पड़ता है। महासंघ ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बीआरसीसी के वेतन के बारे में कोई स्थायी आदेश जारी करे ताकि अध्यापको को वेतन के लिए दर-दर की ठोकरे खाने से रोका जा सके।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *