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सीरिया के राष्ट्रपति चुनावों में असद की एकतरफा जीत

bashar-al-assadदमिश्क, 5 जून-सीरियाई राष्ट्रपति बशर असद को चुनावों में मिली एकतरफा जीत के बाद एक बार फिर राष्ट्रपति चुना गया है। असद के शासन के खिलाफ तीन साल पुराने खूनी विद्रोह के बीच ही असद को एक और सात वर्षीय कार्यकाल मिला है। सीरिया के संसदीय स्पीकर जिहाद लहान ने मंगलवार को हुए चुनावों के अंतिम नतीजों की घोषणा करते हुए कल कहा कि असद को 10,319,723 वोट (88.7 प्रतिशत) मिले। असद को चुनौती देने वाले दो प्रतिद्वंद्वियों असन अल-नूरी और माहेर हज्जर को क्रमश: 4.3 और 3.2 प्रतिशत वोट मिले। सर्वोच्च संवैधानिक अदालत ने कुल मतदान 73.42 प्रतिशत बताया। दशकों में पहली बार चुनाव में दूसरे उम्मीदवारों की मौजूदगी के बावजूद असद की जीत को काफी समय पहले से ही पूर्व निश्चित बताया जा रहा था। विपक्ष और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने चुनावों को तमाशा बताते हुए खारिज किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने इसे ‘एक बड़ा शून्य’ बताया है। नतीजों की घोषणा के बाद दमिश्क जश्न मनाने के लिए चलाई जा रही गोलियों और भारी हथियारों की आवाज से गूंज उठा। असद के हजारों समर्थक जश्न मनाने के लिए सड़कों पर एकत्र हो गए। कारों के तेज हॉर्न की आवाजों के बीच कुछ लोग बड़े-बड़े सीरियाई झंडे फहरा रहे थे तो कुछ असद की तस्वीरें लिए हुए थे। कुछ लोग असद के समर्थन में चर्चित नारे लगाने लगे, ‘अपनी आत्मा से, अपने खून से, हम तुम्हारे लिए त्याग करते हैं, बशर।’ लेबनान के अल-मायादीन टीवी ने सरकार का गढ़ माने जाने वाले लताकिया और युद्ध प्रभावित शहर होम्स से सीधा प्रसारण किया, जिसमें लोग असद के झंडे और पोस्टर हाथ में लिए जश्न मना रहे थे और चिल्ला रहे थे, ‘ईश्वर, सीरिया, बशर’। होम्स पर सरकार ने पिछले ही माह दोबारा कब्जा जमाया है। मतदान सिर्फ सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में ही कराया गया। इसमें उत्तरी और पूर्वी सीरिया के बड़े इलाके शामिल नहीं थे क्योंकि वे विरोधियों के नियंत्रण में हैं। विदेशों से हजारों सीरियाई लोगों ने पिछले सप्ताह मतदान किया। हालांकि 27 लाख से ज्यादा सीरियाई शरणार्थियों में से बहुत से लोगों को या तो मतदान से दूर रखा गया या कानूनी तौर पर उन्हें इस प्रक्रिया से अलग रखा गया। मतदान के जरिए युद्ध से कोई राहत नहीं मिली। इधर लोग दमिश्क में मंगलवार को अपना मतदान कर रहे थे, वहीं विरोधियों के इलाके वाले उपनगरों पर सरकार द्वारा गोलीबारी और हवाई हमले की गड़गड़ाहट गूंज रही थी। यह एक तरह से गंभीर चेतावनी थी कि सभी सीरियाई लोगों को मतदान का अधिकार नहीं है।

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