October 23, 2017

सिरमौर में महिलाओं व बच्चों के विकास पर व्यय होंगे एक करोड़ 74 लाख-विनय

sनाहन 14 जुलाई-महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से सिरमौर जिला में
महिलाओं व बच्चों के विकास पर चालू वर्ष के दौरान एक करोड़ 74 लाख की राशि व्यय
की जा रही है।
यह जानकारी मुख्य संसदीय सचिव लोक निर्माण श्री विनय कुमार ने गत दिवस यहां
महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही विभिन्न
कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होने कहा कि
गत वर्ष के दौरान जिला में इस कार्यक्रम के तहत एक करोड़ 18 लाख रूप्ये की राशि
व्यय की गई।
उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना विशेषकर गरीब लोगों के लिए वरदान
सिद्ध हो रही है और इस योजना के तहत चालू वित वर्ष के दौरान 46 लाख की राशि
व्यय करके 184 बीपीएल परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होने
बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थी को बेटी के विवाह के लिए 25 हजार की राशि
अनुदान के रूप में प्रदान की जाती है।
श्री विनय ने बताया कि सरकार द्वारा विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत मिलने वाली
राशि को 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया है और इस योजना के तहत चालू
वर्ष के दौरान छः लाख की राशि व्यय करके 12 महिलाओं को लाभान्वित करने का
लक्ष्य रखा गया है। उन्होने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए दम्पति की
आयु 18 से 50 वर्ष होनी चाहिए और इसके लिए कोई आय सीमा निर्धारित नहीं की गई
है।
उन्होने बताया कि मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना के तहत चालू वित वर्ष के
दौरान 91 लाख की राशि व्यय की जाएगी जिसमें 18 वर्ष तक की आयु वाले दो असहाय
बच्चों की देखभाल करने वाले व्यक्ति तीन हजार रूपये वार्षिक सहायता प्रदान की
जाती है। इसके अतिरिक्त बेटी है अनमोल कार्यक्रम के तहत बीपीएल परिवार की दो
कन्याओं के जन्म पर 51 सौ की राशि बैक अथवा पोस्टआफिस में जमा करवाई जाती है
जिसे बच्ची की 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ब्याज सहित राशि  प्रदान की जाती
है। इसी प्रकार माता शबरी महिला सशक्तिकरण योजना के तहत बीपीएल परिवार की
महिलाओं को रसोई गैस कुनेक्शन लेने पर 13 सौ रूपये की सबसीडी प्रदान की जाती
है। इस योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की 75 निर्धन महिलाओं को
लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उपायुक्त सिरमौर श्री बलबीर बडालिया ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि
महिलाओं एवं बच्चों के विकास के लिए कार्यान्वित की जा रही योजनाओं को
प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में प्रदर्शित करें ताकि ग्रामीण परिवेश की महिलाऐं
सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सके। उन्होने कहा कि आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं
को निर्देश जारी किए जाए कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाली महिलाओं को विभाग
की योजनाओं बारे जागरूक करें और पात्र महिलाओं की सूचना अपने संबधित सीडीपीओं
को दे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती ईरा तनवर ने बैठक में महिला एवं बाल विकास
कार्यक्रम के तहत चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त श्री मनमोहन शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी सुरेश
शर्मा, जिला में कार्यरत समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों ने भाग लिया।

 

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