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सहेज कर रखी जायें प्राचीन विरासतेंः बाली

धर्मशाला, 05 सितम्बर- आधुनिक दौर में आवश्यक है कि प्राचीन धरोहरों एवं
सांस्कृतिक विरासतों को सहेज कर रखा जाये ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी प्राचीन
समृद्व विरासत का अवलोकन करके
गौरवान्वित महसूस कर सके। यह उद्गार खाद्य नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता मामले,
परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने आज कांगड़ा स्थित महाराजा संसार
चंद सग्रहालय की आर्ट गैलरी के उद्घाटन अवसर पर प्रकट किये। उन्होंने कहा कि
इस आर्ट गैलरी के आरंभ होने से न केवल प्राचीन समृद्व सांस्कृतिक विरासत व उस
काल के अस्त्र-शस्त्र, वेशभूषा, रहन-सहन व उन्नत कलाओं के दर्शन ही होगें
अपितु पर्यटन की दृष्टि से भी जिला को महत्वपूर्ण पहचान मिलेगी।
    इस अवसर पर परिवहन मंत्री ने बलि राम शर्मा द्वारा इस संग्रहालय को भेंट
की गई सूक्ष्म पहाड़ी चित्रकला की 45 पेटिंगज की विशेष  चित्रकला दीर्घा का
विधिवत शुभारंभ किया। इस दीर्घा में महाराजा संसार चंद के समय की प्राचीन
पेटिंगज को विशेष रूप से दर्शाया गया है। इस संग्रह में कांगड़ा शैली के
अतिरिक्त देश की अन्य प्रचलित चित्रकला शैलियों के चित्र भी प्रदर्शित किये
गये है।
    बाली ने कहा कि इस संग्रहालय में न केवल 1905 के भूकम्प के पूर्व के उन्नत
इतिहास को ही दर्शाया गया है अपितु उसके पश्चात् के इतिहास को भी प्रदर्शित
किया गया है। जिसके लिए उन्होंने कटोच राज परिवार के प्रयासों की सराहना करते
हुये कहा कि संग्रहालय में सहेजे 12वीं शताब्दी के पुराने सिक्कें, मुगल
सम्राट बाबर से लेकर औरंगजेब के शासनकाल तक की मुद्राऐं, पाण्डुलिपियां,
टिकटें, पूजा-अर्चना का सामान, असला अथवा बारूद बनाने के औजार, जिरहा वक्तर,
पहाड़ी चित्रों का अथाह संग्रह, तथा राज प्रसाद में प्रयुक्त किये जाने वाला
सामान आज के परिवेश में अमूल्य निधि है। जिसका संरक्षण व उचित देखभाल अति
आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय के सुरक्षा के लिए व्यापक पग उठाने
के लिए माननीय मुख्यमंत्री महोदय से चर्चा करेगें।
    इस अवसर पर टीकाराज ऐश्वर्य कटोच ने जानकारी देते हुये बताया कि राज
परिवार द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि उनके पूर्वजों की जोे भी विरासत सहेज
कर रखी गई है उसे उसी स्वरूप में इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाये। जिसके
लिए अलग- अलग दीर्घाऐं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी चित्रकला का प्राचीन
वैभव लौटाने के लिए संग्रहालय में पहाड़ी चित्रों को सूक्ष्म तुलिका से उकेरने
के लिए स्थानीय  कलाकारों को अधिमान दिया जा रहा है।
    इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीमती चंद्रेश कुमारी ने पौंग डैम का
नाम महाराजा संसार चंद के नाम से रखने का सुझाव दिया जिसके लिए परिवहन मंत्री
जीएस बाली ने इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।
    इस अवसर पर राजा आदित्य देव चन्द्रा, रघुुवीर बाली, सुमन वर्मा, अजय
वर्मा, अधिशाषी अभियंता, सुरेन्द्र जगोता, विजय चौधरी, दीपक गर्ग सहित गणमान्य
लोग उपस्थित थे।
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