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सरकार ने कामगारों की बदल दी है तकदीर

धर्मशाला, 26 जुलाई भवन एवं सन्निर्माण कार्यो से जुड़े कामगारों के हित में
सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध
करवा कर उनकी तकदीर ही बदल दी है।

हिमाचल प्रदेश सरकार पंजीकृत कामगारों को ”बीमा व स्वास्थ्य कवर“ ”मातृत्व
अथवा पितृत्व प्रसुविधा“ ”अन्तिम संस्कार सहायता“ ”चिकित्सा सहायता“ ”शिक्षा
हेतु वित्तीय सहायता“ शादी हेतु वित्तीय सहायता ”कौशल विकास भत्ते के अतिरिक्त
भवन खरीद अथवा निर्माण हेतु अग्रिम राशि, अपंगता, पेंशन, औजार खरीद हेतु
सहायता के अलावा कर्मकार ट्रांजिट होस्टल आदि का भी प्रावधान किया जा रहा है।

जिला में इस समय 5014 पंजीकृत कामगार है। जुलाई 2014 तक 2392 लाभार्थियों को
विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर 51 लाख 67 हजार 857 रूपयें वितरित किए गए है।

गांव महाकाल की कामगार लक्ष्मी देवी के शिक्षा प्राप्त कर रहे दो बच्चों बलवंत
व सपना गांव गदियाड़ा की प्रेम लता के बच्चों कविता व अभिनव, गांव पतबाग की
सरोज कुमारी के बच्चों विवेक व मधुबाला, गांव जालख डरोह के कामगार रविन्द्र के
शिल्पा व वरूण बच्चों तथा गांव सेहल की महिला श्र्रमिक कमला देवी की बेटियां
पूजा व रोजी की भांति प्रथम कक्षा से पी0 एच0 डी0 तक की शिक्षा प्राप्त कर रहे
1265 श्र्रमिकों के 1964 बच्चों को निर्धारित एक हजार से 15 हजार रू0 तक की
वार्षिक राशि प्रति शिक्षार्थी उपलब्ध करवाई जा रही है। शिक्षा हेतू वित्तीय
सहायता योजना के अन्तर्गत अब तक 28 लाख 51 हजार 500 रू0 उपलब्ध करवाए जा चुके
है।

प्रदेश मे कामगारों के दो बच्चों के विवाह हेतु सरकार द्वारा 21-21 हजार रू0
की सहायता राशि उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। गांव कोटला नूरा के श्र्रमिक
पृथी चन्द की बेटी रूती रानी, गांव चाऊथी बांध की श्र्रमिक निर्मला देवी की
पुत्री भारती, गांव खोली टिक्का की सलोचना देवी के बेटी यशपाल सिंह गांव
गदियाड़ा की सिमरो देवी की बेटी रेखा देवी और सेहल गांव की श्र्रमिक शारदा देवी
की बेटी रंजना देवी के साथ-साथ जिला के 84 कामगारों के बच्चों की शादी हेतू 21
हजार की दर से 15 लाख 54 हजार की राशि पंजीकृत कामगारों को उपलब्ध करवाई गई
है।
जिला में महिला ”साईकल सहायता योजना“ के अन्तर्गत 130 महिला श्र्रमिको को तीन
हजार की दर से तीस लाख 90 हजार रू0 वितरित किए गए है।
कामगार महिला मातृत्व प्रसुविधा के तहत प्रसव को अवधि के समय 10 हजार रू0 की
राशि प्राप्त करने का अधिकार रहता है। जबकि पुरूष कामगार को पितृत्व प्रसुविधा
के अन्तर्गत 1 हजार रू0 की राशि प्रदान करने का प्रावधान है। जिला की 13
महिलाओं व 11 पुरूष कामगारों को एक लाख 4-1 हजार रू0 की राशि वितरित करके
लाभान्वित किया गया है।
श्र्रमिको को अपना ईलाज करवाने में कोई दिक्कत न हो उसके लिए सरकार द्वारा
”बीमा और स्वास्थ्य कवर योजना’’ को अधिमान दिया गया है। ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य
बीमा योजना“ के तहत कामगार के पति अथवा पत्नी सहित परिवार के अन्य तीन सदस्यों
को 30 हजार रू0 तक के मुफ्त ईलाज करवाने का प्रावधान है। जबकि ”जनश्री बीमा
योजना“ के तहत कामगार की कार्य क्षेत्र पर मृत्यु हो जाने की दशा में
आश्र्रितों को रू0 75 हजार और प्राकृतिक मृत्यु पर 30 हजार रू0 मुआवजा देने का
प्रावधान है। अगर कामगार कार्य पर दुर्घटनावश पूर्ण अपंग हो जाता है तो उस दशा
मे कामगार को सरकार द्वारा रू0 75 हजार तथा 50 प्रतिशत अपंगता पर 37 हजार
500/- रू0 उपलब्ध करवाने के अतिरिक्त दो बच्चों की नवीं से जमा दो तक की
शिक्षा में एक सौ रू0 की दर से प्रति माह छात्रवृति प्रदान की जाती है।
कामगार की काम पर मृत्यु होने पर 1 लाख रू0 की राशि उसके आश्र्रितों को सरकार
द्वारा प्रदान की जाती है। कामगार की चिकित्सा सहायता योजना के अन्तर्गत पांच
हजार रू0 तक की चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल प्रस्तुत पर दी जाती है। शाहपुर के
कामगार प्रकाश चन्द, पालमपुर के दीप कुमार और बैजनाथ की श्र्रमिक गुड्डो देवी
सहित 10 कामगारों को इस योजना के तहत 20,357 रू0 उपलब्ध करवाए गए।
26 पंजीकृत कामगारों को 1500/- रू0 की दर से रू0 39 हजार मिट्टी तेल के स्टोव
खरीदने के लिए सहायता के रूप में वितरित किए गए जबकि अन्तिम संस्कार के लिए
चार कामगारों के परिजनों को 20 हजार रू0 की राशि उपलब्ध करवाई गई।

प्रदेश में इन सभी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए श्र्रमिक का पंजीकृत
होना अनिवार्य है।

कामगार पंजीकरण ऐसे करवाये:-

पंजीकरण के लिए भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्य में कार्यरत कामगार की आयु 18
से 60 वर्ष के मध्य होनी चाहिए तथा उसने पिछले वर्ष में कम से कम 90 दिन तक
किसी ऐसे निर्माण संस्थान में कार्य किया हो। जिस नियोक्ता ने पिछले 12 मास
में किसी एक दिन 10 या इससे अधिक कामगारों को कार्य पर कार्यरत किया हो।
पंजीकरण के लिए कामगार को दो पासपोर्ट फोटो सहित आयु प्रमाण के लिए निम्न
दस्तावेज मे से किसी एक ही सत्यापित प्रति प्रस्तुत करनी होगी। जैसे कि:-
स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, जन्म और मृत्यु से सम्बन्ध रजिस्टर से प्रमाण
पत्र, ड्राइविंग लाइसैंस, निर्वाचक मतदाता कार्ड, आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर
की प्रति, राशन कार्ड, नियोक्ता से आयु प्रमाण पत्र, श्र्रम अधिकारी द्वारा
सत्यापित पहचान कार्ड की प्रति पर भी आयु सबूत के लिए विचार किया जाएगा।
        कामगार को आवेदन के साथ नियोजक या ठेकेदार से मजदूरी पर्ची या
नियुक्ति पत्र जिस में स्पष्ट हो कि वह निर्माण कामगार है, प्रस्तुत करना
होगा। यदि ऐसा प्रमाण पत्र उपलब्ध न हो तो पंजीकृत निर्माण कामगार युनियन
द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र भी विचार किया जा सकता है।
        पात्र कामगार पंजीकरण हेतू अपने कार्यक्षेत्र के श्र्रम अधिकारी या
श्र्रम निरीक्षक से परामर्श/सहायता हेतु सम्पर्क कर सकते है। हि0 प्र0 में
समस्त श्र्रम अधिकारी पंजीकरण एवं लाभ देने हेतू अधिकृत है।
        पंजीकरण शुल्क केवल मात्र 1/- रूपये एक ही बार देय है। बोर्ड का सदस्य
लगातार बने रहने के लिए एवं योजनाओं का लाभ उठाने हेतु कामगार (लाभार्थी) को
9/- रूपये की दर से अग्रिम में अंशदान जमा करवाना होगा जो पंजीकरण की तिथि से
तीन वर्षो क लिए मान्य होगा। अगले तीन वर्ष के लिए नवीनीकरण शुल्क 15 रूपये
देय होगा।
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्य क्या है?:-

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार, अधिनियम, 1996 के अनुसार वे सभी कामगार जो
भवन या अन्य सन्निर्माण कार्य, भवनों मार्गो सड़कों, सिंचाई, जल निकास तट बाढ़
नियंत्रण, कार्य वर्षा, जल निकास कार्य, विद्युत के उत्पादन, पारेषण एवं वितरण
जल संबधी कार्य, विद्युत लाईनों, टेलीफोन, तार तथा ओवरसीज संचार माध्यमों,
बांधों, नहरों, जलाषयों, सुरंगों, पुल-पुलियों, पाइप लाईनों, टावर के निर्माण
कार्यों मुरम्मत या रख रखाव या इनके निर्माण गिराया जाने से सम्बन्धित कार्य
में सम्मिलित हैं। परन्तु इसके अन्तर्गत ऐसे भवन य अन्य सन्निर्माण कार्य
सम्मिलित नही होगे, जिनमें करखाना अधिनियम 1984 अथवा माईन्ज अधिनियम, 1952 के
प्रावधान लागू होते हैं।
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