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सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और आईटीआई में विद्यार्थी कल्याण योजना के तहत रखे कर्मियों की सेवाएं अनुबंध श्रेणी में लाई जाएंगीः जीएस बाली

qweधर्मशाला, 05 अक्तूबर: परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री जीएस बाली ने कहा
कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों तथा पॉलिटेक्निकल
संस्थानों में विद्यार्थी कल्याण योजना (स्टूडेंटस वेलफेयर स्कीम), संस्थान
प्रबंधन समितियों और अन्य योजनाओं के अंतर्गत सेवारत सभी शिक्षक एवं गैर
शिक्षक कर्मियों की सेवाओं को अनुबंध श्रेणी में लिया जाएगा। प्रदेश सरकार के
इस निर्णय से इन योजनाओं के अंतर्गत रखे गए लगभग एक हजार से अधिक कर्मचारी
लाभान्वित होंगे।
     श्री बाली ने यह जानकारी आज कांगड़ा में मीडिया से बातचीत करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि एक बार उठाए गए कदम के तौर पर 31 जुलाई, 2015 तक सात वर्ष का
नियमित सेवाकाल अथवा 9600 घंटों की सेवा अवधि पूरी करने वाले, कर्मचारियों की
सेवाओं को अनुबंध श्रेणी में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में
अधिसूचना जारी की जा चुकी है।
     उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारी जिन्होंने अपने सेवा मामलों को लेकर
न्यायालय में याचिकाएं दायर की हैं, द्वारा अपनी याचिकाएं वापिस लेने पर
उन्हें इस सुविधा का लाभ मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के सभी पात्र
कर्मियों की सेवाओं को अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने पर अनुबंध में लिया
जाएगा।
     श्री बाली ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को अधिक भरोसेमंद व सुरक्षित
यातायात सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत 50 महिला परिवहन मित्र नियुक्त की
जाएंगी तथा उन्होंने इस प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने
कहा कि इन पदों के लिए आवेदन करने की योग्यता सामान्य श्रेणी में 55 प्रतिशत
के साथ स्नातक और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 50
प्रतिशत के साथ स्नातक आधारित की गई है।
     उन्होंने कहा कि रजियाणा-53 मील-योल सड़क मार्ग के सुधार कार्य के लिए
8.50 करोड़ रूपये जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नगरोटा बगवां क्षेत्र में
विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए नाबार्ड के अंतर्गत 20 करोड़ रूपये की धनराशि
स्वीकृत की गई है।
     श्री बाली ने कहा कि राजीव गांधी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए रूसा
के तहत 4 करोड़ रूपये व विभागीय योजना के अंतर्गत 5 करोड़ रूपये जारी किए गए
हैं।
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