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सड़क पर लड़ेंगे अंतिम युद्ध

kotkhai-mae-sangharash-yatra-mae-purv-mantri-narender-baragta-sansad-virender-kashyap-aur-mahender-singh-ka-sawagat-karte-janta-300x199शिमला, कोटखाई — भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र बरागटा ने मंगलवार को सड़क संघर्ष यात्रा के पांचवें दिन कोटखाई से यात्रा शुरू की। इस अवसर पर शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद वीरेंद्र कश्यप पूर्व मंत्री व धर्मपुर के विधायक ठाकुर महेंद्र सिंह ने भी यात्रा में भाग लिया। कोटखाई बाजार में हजारों की संख्या में कोटखाई की जनता ने यात्रा का स्वागत किया। नगर पंचायत कोटखाई के वार्ड सदस्यों ने ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा का स्वागत किया। नरेंद्र बरागटा ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस सड़क के निर्माण को लेकर कांग्रेस के नेता राजनीतिक बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं। यात्रा के पांचवें दिन उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण के लिए भाजपा अब निर्णायक लड़ाई लड़ेगी और यदि शांतिपूर्वक किए गए इस आंदोलन और यात्रा से भी सरकार की आंखें नहीं खुलीं, तो अगले चरण में भाजपा उग्र आंदोलन करेगी, जिसके लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार और कांग्रेस के प्रतिनिधि नेता जिम्मेदार होंगे। लोगों को संबोधित करते हुए बरागटा ने कहा कि इस सड़क निर्माण के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2007 में ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किए, जबकि सड़क निर्माण के लिए तत्कालीक कांग्रेस सरकार ने न तो वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की मंज़ूरी ली और न ही निजी भूमि मालिकों की भूमि का अधिग्रहण किया और न ही सड़क निर्माण में लगने वाले खड़े पेड़ों के कटाने की अनुमति ली।

सड़कों पर उतरकर समर्थन बरागटा द्वारा संबोधित करने के बाद यात्रा का स्वागत कोकुनाला में प्रेम नगर, महासू, पंचायत के लोगों ने किया। गुम्मा में यात्रा के स्वागत  के लिए हजारों की संख्या में लोग बागी, रत्नाडी, क्यार्वी, रामनगर, नागान, बखोल, पूडग, देवगढ़, हिमरी, पंचायतों की जनता में हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरकर यात्रा का समर्थन किया।

छैला से ठियोग तक जाएगा संघर्ष संर्घष यात्रा कोटखाई से छैला की ओर रवाना हुई। जहां कल सड़क संर्घष यात्रा छैला से ठियोग तक जाएगी। बताते चलें कि रोहड़ू हाटकोटी मार्ग की दुर्दशा के चलते क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से कई प्रकार की समस्या से जूझना पड़ता रहा है। विडंबना यह है कि सड़क की दुर्दशा ज्यों की त्यों बनी हुई है। हालांकि इस मार्ग का निर्माण कार्य चंडीगढ़ की चड्डा एंड चड्डा कंपनी को सौंपा गया है।

बिना कंपनी सड़क क्या हवा में बनती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मात्र 13 प्रतिशत भूमि की अनापत्ति ली गई थी। शेष 87 प्रतिशत भूमि पर न तो केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की एवं न ही निजी भूमि मालिकों की। निजी भूमि  स्वामियों की अनापत्ति एवं बिना वन भूमि की स्वीकृति के चीनी कंपनी को हाथ धरे बैठे रहना पड़ा, क्योंकि 87 प्रतिशत भूमि की अनुमति के बिना कंपनी सड़क क्या हवा में बनाती।

भाजपा ने करवाई भूमि की क्लीयरेंस  2007 में सत्ता परिवर्तन होते ही भाजपा सरकार के प्रयासों से सरकार ने निजी भूमि मालिकों की भूमि अधिग्रहण सहित वन एवं पर्यावरण विभाग से स्वीकृति के मामले को तेजी से आगे बढ़ाया। इस प्रक्रिया के पूरे होने तक चीनी कंपनी का वीजा खत्म हो गया एवं कंपनी के कर्मचारियों को वीजा देने से तत्कालिक केंद्र की यूपीए-2 सरकार ने मना कर दिया।

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