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सडक़ निर्माण को लेकर किया धरना प्रर्दशन

मंडी, 10 जुलाई (पुंछी) : नौलखा, से डडोर तक प्रस्तावित सडक़ निर्माण से हो रही समस्याओं के समाधान हेतु बुधवार को संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा जवाहर पार्क से सुन्दरनगर तक बुधवार को एक रैली का आयोजन किया गया जिसमें नौलखा, तरोट, कनैड, भौर व डडोर के लगभग 200 लोगों ने हिस्सा लिया । इसके बाद हिमाचल किसान सभा व व्यापार मण्डल, युवक मण्डल, महिला समिति, महिला मण्डल के प्रतिनिधिमण्डल स्थानीय उपमण्डलाधिकारी (ना.) के माध्यम से केन्द्रीय सडक़ व परिवहन मन्त्री आस्कर फर्नाडिज को एक ज्ञापन भी एस.डी.एम. सुन्दरनगर के माध्यम से सौंपा। एस.डी.एम. सुन्दरनगर को सौपे ज्ञापन में प्रतिनिधिमडंल ने बताया कि जिसमें पिछले 1 वर्ष से नौलखा से डडौर के बीच में हो रही समस्याओं के समाधान हेतु एवं मांगों बारे अवगत करवाया गया लेकिन बड़े ही दुख की बात है कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया है और राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा फोरलेन का निर्माण 24 मी. करने पर अड़ी है जबकि ज्यादातर प्रस्तावित स$डक 45 मी. बनाई जा रही है। जिसके कारण नौलखा से डडौर स$डक के दोनों तरफ पहले से बने मकानों/दुकानों की दीवारों के पास तक स$डक निर्माण होगा। जिससे प्रत्यक्ष रूप में 450 मकानों और दुकानों के लिए सीधा प्रवेश करना और बाहर निकलना बन्द हो जाएगा व दाएं-बाएं भी नहीं जा पाएंगे। हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष जोगिन्द्र वालिया ने बताया कि सडक़ से हटकर पीछे रास्तों व सम्पर्क मार्गों व मकान वाले लोग भी प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे व 200 व्यापारियों का व्यापार प्रभावित होगा। प्रस्तावित सडक के दोनों तरफ सर्विस रो$ड बनाने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है, इस कारण कोई भी अपने मकान तक वाहन कार, स्कूटर इत्यादि नहीं ले जा पाएगा व इसके अलावा अगर सर्विस रोड का प्रावधान किया जाता है तो अतिरिक्त भूमि व 450 मकानों का अधिग्रहण करना पडेगा व इस क्षेत्र के 200द व्यापारियों और स्वरोजगार से जुडे युवाओं को अपनी व्यापारिक गतिविधियां बन्द करनी पडेंगी तथा उन्हें अन्य जगह विस्थापित होना प$डेगा। प्रस्तावित फोरलेन के कारण खेतों, पाठशालाओं, अस्पतालों, सम्पर्क मार्गों पर आना-जाना प्रभावित होगा और स$डक के सटते गांवों के 20 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से भारी मुश्किलों का सामना करना प$डेगा। राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की रिपोर्ट अनुसार वर्तमान स$डक पर केवल 57 मकान व दुकानों को अधिकृत करने जा रही है और जिसका मुआवजा प्रति मकान 5 लाख रूपये प्रति मकान दर्शाया गया है। जबकि स$डक के किनारे 154 मकानों और दुकानों को एन.एच.आई. द्वारा निशाान लगाए गए हैं। इससे प्रतीत होता है कि 154 में से केवल 47 को ही मुआवजा मिलेगा। उन्होने कहा कि उपरोक्त विषय के बारे किसान सभा और व्यापार मण्डल का प्रतिनिधि मण्डल अपनी समस्याओं व आपत्तियों को लिखित ज्ञापन व मौखिक चर्चा को विभिन्न स्तर पर पिछले एक वर्ष से उठाया गया है, जिसमें स्थानीय किसानों और व्यापारियों के लगभग 1500 हस्ताक्षर, नौलखा, कनैड, भौर व डडौर पंचायत द्वारा प्रस्तावित पत्र, जिला प्रषासन, राज्य सरकार, स्थानीय विधायक, मन्त्री व स्थानीय सांसद के स्तर पर उठाया गया और उन्होंने भी प्रस्तावित स$डक से होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बाईपास या 45 मीटर चौ$डा बनाने का अनुरोध किया है, लेकिन अभी तक राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण द्वारा कोई भी समाधान नहीं निकाल पाया है, जिसके कारण आम लोगों में रोष व गुस्सा है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग क िकि प्रस्तावित फोरलेन को पुंघ गांव से (सुन्दरनगर बाईपास) धनेसरी गांव से नौलखा आ रहा है हम मांग करते हैं कि धनेसरी से नौलखा के बजाय लगभग डेढ कि.मी. न आकर सीधे सुकेती खड्ड के किनारे डडौर पुल के पास मिलाया जाए। जिसमें प्राधिकरण का कोई खर्चा व विस्थापन भी नहीं होगा या वर्तमान स$डक की चौ$डाई 24 मी. के बजाय 45 मी. की जाए और नौलखा से डडौर तक स$डक के दोनों तरफ सर्विस रॉ$ड का प्रावधान किया जाए। किसान सभा व व्यापार मण्डल उपमण्डलाधिकारी (ना.) सुन्दरनगर के माध्यम से सरकार व प्रषासन से अनुरोध करते हैं कि राश्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण को उपरोक्त समस्याओं के बारे एवं समाधान हेतु ठोस कदम उठाए जाएं अन्यथा आने वाले दिनों में किसान सभा, व्यापार मण्डल, महिला मण्डल, युवक मण्डल व महिला समिति को सीधा संघर्ष करने पर मजबूर होना प$डेगा, जिसकी सारी जिम्मेवारी स्थानीय प्रषासन, प्रदेश सरकार व राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की होगी।

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