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श्री नैना देवी क्षेत्र को वन्य जीव अभ्यरण्य क्षेत्र से बाहर करने की बात सरासर गलत ,बेतुके एवं गुमराह करने वाली बयानबाजी से सुर्खियों में रहने की आदत है शर्मा को :राम लाल ठाकुर

राज्य स्तरीय योजना विकास एवं 20-सूत्रीय कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष श्री राम लाल ठाकुर ने भाजपा के राज्य महासचिव श्री रणधीर शर्मा के उस वक्तव्य की कड़ी आलोचना की है जिसमें उन्होंने श्री नैना देवी क्षेत्र को वन्य जीव अभ्यरण्य क्षेत्र से बाहर करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि श्री शर्मा को सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के बेतुके एवं गुमराह करने वाली बयानबाजी करने की आदत है।
श्री ठाकुर ने कहा कि श्री रणधीर शर्मा इस तथ्य से अनभिज्ञ हैं कि 7 जून 2013 को वन्य जीव अभ्यरण्य के क्षेत्रों को डि-नोटिफाई करने के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार श्रीनयना देवी वन्य जीव अभ्यरण्य से 48 गांवों को बाहर कर दिया गया है।। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने ही श्रीनयना देवी को वन जीव अभ्यरण्य घोषित करने का प्रस्ताव किया था, जिसके अन्तर्गत 23 अक्तूबर 1999 को जारी अधिसूचना के अनुसार 123 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र आता है। अब वर्तमान कांग्रेस सरकार ने जब इस क्षेत्र को डि-नोटिफाई किया है तो भाजपा नेता अपनी सरकार के गलत कार्यों को छुपाने के लिए कुंठाग्रस्त होकर इस बाबत बेवजह हो-हल्ला कर रहे हैं।
श्री ठाकुर ने कहा कि इतना ही नहीं भाजपा सरकार 17.01 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को श्रीनयना देवी आरक्षित संवर्धन क्षेत्र में बनाए रखने के लिए सर्वोच्च न्यायालय भी गई और उस समय पूर्व भाजपा सरकार क्षेत्र के लोगों के हित को पूरी तरह भूल गई। उन्होंने कहा कि अब श्री रणधीर शर्मा द्वारा प्रदेश सरकार के खिलाफ इस बारे में आंदोलन छेड़ने की चेतावनी से उनकी सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के गैर जिम्मेदारानापूर्ण व्यवहार का पता चलता है।
श्री ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2006 में ही इस क्षेत्र को डि-नोटिफाई करने की प्रक्रिया आरम्भ कर दी थी तथा इस मामले को भारत सरकार के समक्ष विभिन्न स्तरों पर उठाया था। परन्तु दिसम्बर 2007 से वर्ष 2012 तक भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान इस मामले में भोलेभाले लोगों को मूर्ख बनाने के सिवाये कुछ भी नहीं किया गया।
राज्य स्तरीय योजना विकास एवं 20 सूत्री कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार की निष्क्रियता के दृष्टिगत सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार वर्तमान सरकार के पास 17.01 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र में बनाए रखने के सिवाए अन्य विकल्प नहीं बचा इसके लिए भाजपा सरकार ही पूरी तरह जिम्मेदार है। इसके अतिरिक्त भाजपा सरकार ने गोविन्द सागर जलाशय के 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को भी वन्य जीव अभ्यरण्य के अन्तर्गत लाया। इसके अतिरिक्त भाजपा सरकार ने अपने कार्याकाल में 9 पंचायतों में भाखड़ा बांध विस्थापितों के लगभग 58 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को वन्य जीव अभ्यरण्य में शामिल किया। इस क्षेत्र में विस्थापितों के घर भी थे। इसके अतिरिक्त ऐसे कई अन्य उदाहरण हंै, जिनमें भाजपा सरकार ने गांव के लोगों की निजी भूमि को वन्य जीव अभ्यरण्य के अन्तर्गत घोषित कर दिया।
भाजपा नेता लोगांे के शुभचिंतक कैसे हो सकते हैं जबकि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कुछ भी नहीं किया तथा अब अपनी कुंठा को छिपाने के लिए क्षेत्र के लोगों का हितैषी बनने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब जबकि 48 गांव श्रीनयना देवी वन्य जीव अभ्यरण्य क्षेत्र से डि-नोटिफाई कर दिए गए हैं तो इन क्षेत्रों में सभी आधारभूत सुविधाएं जिनमें सड़कें, सामुदायिक केन्द्र इत्यादि शामिल हैं, उपलब्ध करवाने की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है। सरकार के इन प्रयासों से भाजपा नेता विचलित होकर ऐसे आधारहीन वक्तव्य जारी कर रहे हैं जो उन्हें शोभा नहीं देते।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में नौणी से स्वारघाट तक राष्ट्रीय उच्च मार्ग के लिए कुछ नहीं किया तथा कांग्रेस सरकार ने जब राष्ट्रीय उच्च मार्ग के रखरखाव के लिए 4.63 करोड़ रुपये स्वीकृत करवाए तो श्री रणधीर शर्मा ने सड़कों के रख रखाव के लिए सरकार की नाकामी को लेकर ‘पदयात्रा’ का सहारा लिया, जबकि वह इस बात से भलीभांति परिचित थे कि इस कार्य पर 4.63 करोड़ रुपये व्यय किये जा रहे हैं। श्री रणधीर शर्मा ने यह सब सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए किया जबकि लोगों के हितों तथा आम आदमी के कल्याण से उन्हें कुछ भी लेनादेना नहीं है।
श्री ठाकुर ने श्री रणधीर शर्मा को परामर्श दिया कि वे इस तरह के गुमराहपूर्ण वक्तव्य जारी करने से बाज आएं क्योंकि क्षेत्र के लोग समझदार हैं और भलिभांति जानते हैं कि उनके हित किस सरकार के हाथ मंे सुरक्षित हैं।

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