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श्री धूमल ने स्कूल के कार्यक्रम में भी राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की।

कोटखाई मण्डल कांग्रेस के अध्यक्ष रमेश चैहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश
रांटा, उपाध्यक्ष चतर सिंह, महासचिव राकेश चैहान, सुमन रोटा एवं इंद्र सिंह
तथा कोषाध्यक्ष हेत राम ने ठियोग-हाटकोटी-रोहड़ू मार्ग को लेकर पूर्व
मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता श्री प्रेम कुमार धूमल के बयान को हास्यास्पद और
राजनीति से प्रेरित करार दिया है।

इन नेताओं ने इस बात पर दुःख जताया कि श्री धूमल ने स्कूल के कार्यक्रम में भी
राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की। श्री धूमल गत दिवस कोटखाई के एक स्कूल
में उपस्थित थे, जहां उन्होंने ठियोग-हाटकोटी-रोहड़ू मार्ग को लेकर
बयानबाजी की। पूर्व मुख्यमंत्री को स्कूल जैसे शिक्षा के पवित्र परिसर में इस तरह की
राजनीति शोभा नहीं देती है।

उन्होंने कहा कि जहां तक जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में विकास का प्रश्न
है, पूर्व भाजपा कार्यकाल में यह क्षेत्र पूरी तरह उपेक्षित रहा। लोगों को
गुमराह करने के लिए शिलान्यासों को छोड़कर कुछ भी नहीं किया गया। श्री धूमल
के ‘हनुमान’ कहलाने वाले श्री नरेन्द्र बरागटा भी महज ‘जन्मदिन’ जैसे उत्सवों की
आड़ में राजनीतिक रोटियां सेंकते रहे। रही बात, ठियोग-कोटखाई-हाटकोटी
सड़क की, तो इसे लेकर पूर्व भाजपा कार्यकाल में भी राजनीति की गई और अब
जबकि भाजपा के नुमाईंदे सत्ता से बाहर हैं, तब भी राजनीति ही कर रहे हैं।
उन्होंने लगता है कि इस सड़क ने उन्हें सत्ता से बाहर किया है तो अब यही सड़क
पुनः उन्हें सत्ता दिलवाएगी। लेकिन, वह यह भूल रहे हैं कि विकास कार्य केवल
कोरी घोषणाओं से नहीं किए जाते, इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति होनी
जरूरी है, जो पहाड़ों से भाजपा के प्रतिनिधियों में बिलकुल भी नहीं है।

कोटखाई मण्डल कांग्रेस के नेताओं ने श्री धूमल को स्मरण करवाया कि वर्ष
2008 में इस सड़क को चैड़ा करने की आधारशिला उन्होंने ही रखी थी, परन्तु
इसके बाद भाजपा नेतृत्व ने इस सड़क की ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया। हैरानी
इस बात की है कि ऊना जिले के मेहतपुर-ऊना सड़क के निर्माण का कार्य भी चीन की
उसी कंपनी को आवंटित किया गया था जो ठियोग-कोटखाई-हाटकोटी मार्ग का
कार्य कर रही थी। लेकिन, ऐसी कौन सी बात है, जो ऊना मार्ग तो बनकर तैयार
हो गया और सेब उत्पादक क्षेत्र उपेक्षित रह गए। यह सब भाजपा के शिमला के ऊपरी
क्षेत्रों के प्रति द्वेषपूर्ण भावना को दर्शाता है। सब जानते हैं कि यह सड़क
शिमला के ऊपरी क्षेत्रों की भाग्यरेखा कहलाई जाती है और भाजपा ने इसपर
कोई ध्यान नहीं दिया। बयान देने से पूर्व उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए
कि किस प्रकार उनके कार्यकाल में सेब सीजन के दौरान कई-कई दिनों तक यह सड़क
बंद रही और सेब सड़कों पर ही सड़ता रहा। महज़ ड्रामेबाजी से लोगों के
ज़ख्मों को भाजपा कैसे भर पाएगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा कार्यकाल में श्री नरेन्द्र बरागटा के पास अनेक
महत्वपूर्ण मंत्रालय थे, लेकिन यह क्षेत्र उनके कृपादृष्टि के लिए तरसता रहा।
उन्होंने कहा कि गुम्मा स्थित कार्टन फैक्टरी को इन्हीं के कार्यकाल में कबाड़ के
भाव बेच दिया गया और इसके पश्चात् इसी स्थान पर जन्मदिन जैसा उत्सव मनाया गया।
ऐसा प्रतीत होता था, जैसे फैक्ट्री को बेचने की खुशी में ‘जश्न’ मनाया जा
रहा हो। भाजपा ने अपने कार्यकाल में अवैध कब्जे नियमित करने का आश्वासन दिया
था तथा लोगों से इस बारे शपथपत्र भी मांगे गए परन्तु नियमित होना तो दूर
शपथपत्र देने वाले भोले-भाले किसानों पर धूमल सरकार ने अवैध कब्जे
सम्बन्धी मामले दर्ज किए, जिन्हें आज भी किसान-बागवान भुगत रहे हैं।

रमेश चैहान, ओम प्रकाश रांटा, चतर सिंह, राकेश चैहान, सुमन रोटा एवं
इंद्र सिंह तथा हेत राम ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की प्रदेश सरकार इस सड़क के
निर्माण के प्रति वचनबद्ध है और यह कार्य तीन वर्षों में पूर्ण कर लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि श्री बरागटा हार के सदमे से उभर नहीं पाए हैं, इसलिए वे पद
यात्रा जैसे ड्रामे कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि वे
वास्तव में सड़क की हालत से दुखी थे तो उन्हें
ठियोग-कोटखाई-हाटकोटी-रोहड़ू मार्ग से ही पद यात्रा करनी चाहिए थी परन्तु
भाजपा नेताओं ने पदयात्रा जानबूझ कर टिक्कर होते हुए निकाली। उन्होंने कहा कि
श्री बरागटा का सारा कार्यकाल धूमल की स्तुतिगान में ही गुजरा तथा भाजपा अपने
कार्यकाल के दौरान बदला-बदली, शगूफों और लोगों को झूठे वायदे कर गुमराह
करने में ही लगी रही।

 

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