Header ad
Header ad
Header ad

श्रीखंड यात्रा में खुली सुविधाओं की पोल

आनी— गत रविवार को हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के आनी बाह्य सराज क्षेत्र की सबसे कठिनतम श्रीखंड कैलाश यात्रा के दौरान चार श्रद्धालुओं की मौत पर कई सवाल उठने लगे हैं। मौत के लिए प्रशासन को दोषी ठहराया जाए या फिर स्वयं श्रद्धालुओं को, जो अनजाने में इस कठिनतम यात्रा को हल्के में ले रहे हैं। हिमालय की चोटी में लगभग 18750 फुट की ऊंचाई पर स्थित भगवान भोलेनाथ के दर्शनों के लिए हर वर्ष सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा पर निकल तो रहे हैं, मगर यात्रा के दौरान मार्ग में कठिन चढ़ाई, ऊबड़-खाबड़ रास्ता, खतरनाक ग्लेशियर, जड़ी-बूटियों की नशीली गैस तथा ऑक्सीजन की कमी कई श्रद्धालुओं के लिए मौत का कारण बन रहे हैं। गत रविवार को भी विभिन्न क्षेत्रों के जिन चार श्रद्धालुओं की इस यात्रा में मौत हुई है, उसका कारण भी ऑक्सीजन की कमी से दम घुटना बताया गया है। इस बार से सरकार ने श्रीखंड कैलाश यात्रा को एक ट्रस्ट बनाकर इसमें प्रशासन व स्थानीय लोगों की भागीदारी को सुनिश्चित बनाया और ट्रस्ट के माध्यम से यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य से लेकर खाने-पीने व रहन सहन जैसी विकट परिस्थितयों से निपटने की सुविधाएं देने का प्रयास भी किया, मगर बावजूद इसके इस यात्रा में सरकार व प्रशासन के सारे दावे तार-तार होते ही नजर आ रहे हैं। श्रीखंड कैलाश के दर्शन कर लौटे साहित्यकार एवं पत्रकार देवेंद्र गुप्ता ने इस यात्रा में महसूस किए अपने कठोरतम अनुभवों के बारे में बताया कि श्रीखंड यात्रा में कई श्रद्धालु जान बुझकर अपनी जान खतरे में डाल रहे हैं, जबकि ऐसी कठिन यात्राएं पहले पूर्ण जानकारी से की जानी चाहिएं, क्योंकि अधिकतर श्रद्धालु शीघ्र दर्शन करने की चाहत में रात के अंधेरे में ही यात्रा पर निकल रहे हैं, जबकि रात्रि के दौरान पहाड़ों से पत्थर व ग्लेशियर गिरने का खतरा बना रहता है और ऑक्सीजन की भी कमी रहती है। श्री गुप्ता का कहना है कि यात्रा पर निकलने से पहले श्रद्धालु को अपने साथ आवश्यक दवाएं व खाने-पीने का हल्का सामान ले जाना आवश्यक है। देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि कई श्रद्धालु इन धार्मिक यात्राओं को भक्ति भावना के बजाय महज पिकनिक के तौर पर ले रहे हैं, जिससे देवताओं की तपोस्थलियां दूषित हो रही हैं। श्रीखंड कैलाश की कठिनतम यात्रा में पहले से लेकर अब तक लगभग 20 लोगों की मौत चुकी है और गत रविवार को जिन चार लोगों की मौत हुई है, उनके शवों को पुलिस व प्रशासन स्थानीय लोगों की मदद से जाओं सड़क तक पहुंचाने में जुटी है और जानकारी के अनुसार एक महिला के शव को सोमवार को सिंघगाड तक पहुंचा लिया गया है। एसडीएम आनी नीरज गुप्ता ने बताया कि यात्रा में फंसे अन्य यात्रियों व बीमार कर्मचारियों को भी सिंघगाड सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है।

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)