Header ad
Header ad
Header ad

श्रम संगठनों ने किया श्रम कानूनों में संशोधन का विरोध

(अतुल कश्यप) रामपुर बुशहर। देव दत्त भवन चाटी में आयोजित क्षेत्रीय अधिवेशन में सीटू, एटक, इंटक और एचआरटीसी के संगठनों ने श्रम कानूनों के किए गए बदलाव का कड़ा विरोध किया। इन सभी ने केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन को एक तरफा कहा। संशोधन को देख लग रहा है कि यह मजदूरों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों, जिसमें उनके ट्रेड अधिकार शामिल है पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
सीटू के जिला अध्यक्ष बिहारी सेवगी, एटक प्रधान बीआर चौहान, इंटक अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज और एचआरटीसी की चालक यूनियन के प्रधान पे्रेम सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि ७ अगस्त, २०१४ को लोकसभा में पेश कारखाना अधिनियम संशोधन विधेयक, औद्योगिक विवाद अधिनियम, ठेका मजदूर(विनियम एवं उन्मूलन) अधिनियम, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम और प्रशिक्षु अधिनियमों में संशोधन, मालिकों को लगाओ और भगाओ को बहुत आसान बना देने से नियोजन में भारी पैमाने न निरंकुश ढंग से आकस्मिकीकरण बढ़ेगा। उन्होंने कहा प्रस्तावति श्रम कानूनों में संशोधन की पहल का उद्देश्य छंटनी, लेऑफ और तालाबंदी के लिए शक्ति प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त इससे देश के ७०फीसदी से अधिक उद्योगों और सेवा प्रतिष्ठानों और उनके श्रमिकों को श्रम कानून के दायरे से बाहर कर नियोजकों को ऐसी छुट देना है कि वे श्रमिकों का और अधिक शोषण कर सकें। इस पर सभी यूनियनों ने रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार यूनियनों के ११ सूत्रीए मांगों जिसमें मंहगाई और बेरोजगारी पर नियंत्रण, श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करना, बड़े पैमाने पर ठेकाकरण पर रोक, न्यूनतम मजदूरी १५ हजार रुपए करना, आंगनवाड़ी, मिड-डे-मिल को सरकारी कर्मचारी बनाना आदि शामिल है पर टालमटोल कर रही है। उन्होंने मांग की कि ट्रेड यूनियनों का पंजीकरण ४५ दिनों के भीतर हो और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की कन्वेशन ८७ और ९८ को सरकार अनुमोदित करें। इस मौके पर सर्वसम्मती से प्रस्ताव पारित किया गया कि केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर रामपुर निरमंड तहसील से सभी यूनियनें संयुक्त रुप से संघर्ष करेगी और ५ दिसंबर का राज्य अधिवेशन शिमला में भी भाग लेगी।

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)