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शिलाई के दूर-दराज क्षेत्र में कलाकारों ने जमाया रंग

नाहन, 2 जून- लोकगीतों व लोकगाथाओं को जीवित रखने की कड़ी में भाषा एवं संस्कृति विभाग सिरमौर द्वारा शिलाई की दूरदराज बकरास पंचायत के गांव बंबराड़ में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गिरिपार के अति पिछड़े क्षेत्र में भाषा विभाग द्वारा सांस्कृति संध्या का आयोजन करवाने के प्रयास को स्थानीय लोगों व कलाकारों ने खूब सराहा। लोकगीतों व लोक गाथाओं पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय व आस-पास के क्षेत्रों से खूब भीड़ जुटी। इस मौके पर जिला भाषा अधिकारी अनिल कुमार हारटा ने दूरदराज क्षेत्रों से आए लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि कला व संस्कृति के संरक्षण हेतु भाषा एंव संस्कृति विभाग सदैव तत्पर रहता है। उन्होंने कहा गिरिपार क्षेत्र की लोकगाथाएं व लोकगीत यहां की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। जिन्हें विभाग द्वारा पूरा संरक्षण प्रदान किया जायेगा। उन्होंने कहा दूर-दराज क्षेत्र की प्रतिभाओं को भी सामने लाकर उन्हें उचित मंच प्रदान किया जाएगा ताकि क्षेत्र की पुरातन संस्कृति से हमारी नौजवान पीढ़ी भी रूबरू हो सके। सांस्कृतिक संध्या दौरान जहां नवयुवक मंडल भराईना के कलाकारों ने बेणी की हारूल प्रस्तुत कर लोगों की जमकर तालियां बटोरी वहीं वाईकार वाद्क एंव सांस्कृतिक दल बंबराड़ के कलाकारों ने भी लोकगीतों के साथ-साथ बरथरी की लोकगाथा प्रस्तुत कर लोगों को अपने साथ झूमने के लिए मजबूर कर दिया। इस मौके पर अन्य लोक कलाकारों ने भी अपनी एक से बढक़र एक प्रस्तुतियां प्रदान की। सांस्कृतिक कार्यक्रम दौरान मंच पर आए बाल विकास साई समिति बंबराड़ के नन्हें-मुन्नें कलाकारों ने भी अपने प्रस्तुति दी। जिसे स्थानीय लोगों ने खूब सराहा। गिरिपार क्षेत्र के अत्यन्त पिछड़े गांव के स्थानीय लोगों व कलाकारों में इस बात की खुशी महसूस की गई कि भाषा विभाग द्वारा इस तरह के कार्यक्रम पिछड़े क्षेत्रों में भी करवाए जाने लगे है। दूरदराज क्षेत्र में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का तीन सौ से ज्यादा लोगों ने देर शाम तक जमकर लुत्फ उठाया।

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