October 18, 2017

शिमला-कांगड़ा एनएच बनेगा फोरलेनः सुधीर – केंद्र से 9 एचएच स्वीकृत करने का उठाया मामला

धर्मशाला, 24 जुलाई: शिमला-कांगड़ा राष्ट्रीय उच्च मार्ग-88 पर वाहनों के बढ़ते दबाव को मद्देनज़र रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा इस 197 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय उच्च मार्ग को फोरलेन बनाने का मामला केंद्रीय भूतल परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्रालय के साथ प्रभावी ढंग से उठाया गया है ताकि निकट भविष्य में इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही और सामान्य एवं सफर आरामदायक बन सके।

इस आशय की जानकारी देते हुए शहरी विकास, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री, श्री सुधीर शर्मा ने बताया कि शिमला-कांगड़ा राष्ट्रीय उच्च मार्ग-88 प्रदेश का महत्वपूर्ण मार्ग है जोकि 5 जिलों से गुजरने के अतिरिक्त प्रदेश के सभी जिलों को जोड़ता है तथा इस मार्ग को वर्तमान परिपेक्ष्य में फोरलेन बनाना अनिवार्य हो गया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री, श्री वीरभद्र सिंह द्वारा प्रदेश के लिए 9 नए राष्ट्रीय उच्च मार्ग स्वीकृत करने के लिए भी मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है क्योंकि प्रदेश में सड़कें आवागमन का एकमात्र साधन हैं और सरकार ने प्रदेश के सभी राजस्व गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए महत्वाकांक्षी परियोजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय भूतल परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्रालय द्वारा पांच राष्ट्रीय उच्च मार्गों की शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया है जिसमें 60 किलोमीटर लंबे हमीरपुर-सुजानपुर-पालमपुर मार्ग, 112 किलोमीटर लंबाई वाले ब्रहमपुखर-बिलासपुर-सरकाघाट-बैजनार्थ मार्ग, 133 किलोमीटर लंबे भरमौर-चम्बा-पठानकोट मार्ग और 106 किलोमीटर लंबे तारादेवी-कुनिहार-नालागढ़ मार्ग शामिल हैं।
श्री सुधीर शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 750 किलोमीटर लंबाई वाले चार महत्वपूर्ण राज्य उच्च मार्गों को स्तरोन्नत करके राष्ट्रीय उच्च मार्ग बनाने का मामला भी उठाया है जिसपर केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा नगरोटा-रानीताल-मुबारिकपुर को भी राष्ट्रीय उच्च मार्ग बनाने का मामला उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष भारी वर्षा के कारण प्रदेश में एक हजार करोड़ से अधिक नुकसान सड़कों का हुआ है तथा इस दौरान लगभग 4394 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं जिसमें अधिकांश नुकसान किन्नौर जिला में हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय उच्च मार्गों की कुल लंबाई 1553 किलोमीटर है जबकि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों की लंबाई 27 हजार किलोमीटर से अधिक है।
उन्होंने बताया कि आगामी पांच वर्षों में प्रदेश सरकार राज्य की सभी पंचायतों एवं राजस्व गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए कृतसंकल्प है ताकि प्रदेश का हर गांव सड़क के जुड़ने से आवागमन के बेहतर साधन एवं किसानों को अपने उत्पाद मंडियों तक पहुंचान की सुविधा उपलब्ध होगी।

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