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शिक्षा समृद्धि का द्वार: मुख्यमंत्री

कोहबाग में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने आज शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान धामी में 45 करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न परियोजनाओं का शुभारम्भ तथा आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने धामी में 6.70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मिनी सचिवालय भवन तथा 1.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के भवन की आधारशिलाएं रखी।
मुख्यमंत्री ने ओखरू में 34.70 लाख रुपये की लागत से निर्मित जनिया-मंध्या उठाऊ पेयजल योजना का शुभारम्भ किया, जिससे क्षेत्र के 400 लोग लाभान्वित होंगे। यह परियोजना ‘स्टेट आॅफ आर्ट’ स्वचालित जल पंपिंग प्रणाली अपनाई गई है। उन्होंने ओखरू में ही 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित पशुपालन औषधालय भवन का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, ओखरू में अतिरिक्त खंड की आधारशिला भी रखी, जिसके निर्माण पर 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि घणाहटटी तथा धामी के मध्य महाविद्यालय खोलने पर निर्णय के लिए कमेटी का गठन किया गया है और वह शीघ्र ही उचित स्थान पर महाविद्यालय निर्माण के लिए रिपोर्ट देगी। उन्होंने कोहबाग में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को गलोग-चेइयां-क्यारटू सड़क को अपनी अधीन लेने और ओखरू से नेहरा के लिए 6 माह के भीतर सड़क निर्माण के भी निर्देश दिए। उन्होंने नेहरा में नये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के निर्माण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धामी से ही प्रजामंडल आंदोलन तेजी से उभरा और क्षेत्र के लोगों का हिमाचल को अलग अस्तित्व दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों का समान एवं समग्र विकास करने के प्रति कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समृद्धि का द्वार है, जिसके लिए बच्चों को शिक्षित कर प्रदेश केे विकास में उनकी भूमिका सुनिश्चित बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि विकसित समाज के लिए संस्कृति, भाषा तथा रीति-रिवाजों का संरक्षण किया जाना चाहिए।
पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू तथा श्रीमती इंदिरा गांधी को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके प्रयास और कांग्रेस पार्टी के सुदृढ़ संगठन ने पहाड़ी राज्य को विशेष महत्व दिया और इनके कारण ही हिमाचल प्रदेश भारत का 18वां राज्य बना और इसके पश्चात प्रदेश का अभूतपूर्व विकास हुआ। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान केन्द्र सरकार पहाड़ी राज्यों को पूर्व कांग्रेस सरकारों की भांति महत्व देगी। प्रदेश ने विकास के क्षेत्र में अनेक आयाम स्थापित किए हैं और हिमाचल देश का विकसित राज्य बनने की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दो वर्षों में प्रदेश की सभी पंचायतों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा और अनेक स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जलोग, सुन्नी व दाड़गी में आईटीआई आरम्भ की गई है जो केवल एक मात्र विधानसभा है जहां तीन आईटीआई खोली गई हैं। इसके अतिरिक्त इस विधानसभा क्षेत्र में अनेक स्वास्थ्य केन्द्र खोले गए हैं।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने ओखरू में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के अतिरिक्त खंड की आधारशिला रखने के उपरांत जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता प्रदान कर रही है। राज्य में विश्ेाषकर ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में नये स्कूल आरम्भ एवं स्तरोन्नत किए जा रहे हैं। ओखरू स्कूल में खेल मैदान का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्तमान कार्यकाल के दौरान प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में लगभग 15 डिग्री काॅलेज और अनेक स्कूल आरम्भ किए हैं। इन स्कूलों को आरम्भ करने का उददेश्य विशेषकर लड़कियों को उनके घरों के निकट उच्च शिक्षा सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा में उच्च स्थान प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को 15 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

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