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विदेशों में बसे भारतीयों ने देश भेजे सबसे ज्यादा डालर

वाशिंगटन। विश्व बैंक ने कहा है कि विदेशों में काम कर रहे भारतीयों से मिलने वाले धन के मामले में भारत शीर्ष पर है। भारत को 2014 में अपने वैश्विक प्रवासी कार्यबल से 70 अरब डॉलर प्राप्त हुए हैं। विदेशी जमीन पर काम कर रहे श्रमिकों एवं पेशेवरों द्वारा देश में भेजे गए धन के संबंध में विश्व बैंक के अध्ययन के अनुसार इसका मुख्य कारण यूरोप में कमजोर आर्थिक विकास, रूसी अर्थव्यवस्था का कमजोर होना और यूरो एवं रूबल का अवमूल्यन है। विकासशील देशों में 2015 में 440 अरब डॉलर प्रेषित राशि पहुंचने की संभावना है जो कि पूर्ववर्ती वर्ष की तुलना में 0.9 प्रतिशत अधिक है। अधिक आय वाले देशों समेत वैश्विक स्तर पर प्रेषित धन की राशि 0.4 प्रतिशत बढ़कर 586 अरब डॉलर होने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवासी जिन देशों में जाकर काम करना पसंद करते हैं उनमें शीर्ष पांच स्थानों पर अमेरिका, सउदी अरब, जर्मनी, रूस और संयुक्त अरब अमीरात हैं। इसके साथ ही भारत के अलावा चीन, फिलीपीन, मेक्सिको और नाइजीरिया शीर्ष पांच ऐसे देश हैं जहां विदेशों से प्रेषित धन सबसे अधिक आता है। विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री और वरिष्ठ उपाध्यक्ष कौशिक बसु ने कहा 2014 में कुल प्रेषित धन 583 अरब डॉलर पहुंच गया। भारत को 70 अरब डॉलर, चीन को 64 अरब डॉलर, फिलीपीन को 28 अरब डॉलर की राशि मिली। नई सोच के साथ इस धन का प्रयोग वित्तीय विकास और ढांचागत परियोजनाओं में किया जा सकता है।

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