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वित्त वर्ष 2012-13 की आयकर कटौती के झमेले में उलझे सरकारी कर्मचारी

मण्डी, 06 जुलाई : प्रदेश सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2012-13 में मार्च के वेतन को मार्च में ही वितरित किए जाने के कारण आयकर विभाग द्वारा प्राधिकृत आयकर प्रोसैसिंग केन्द्रों द्वारा आहरण एवं वितरण अधिकारियों को गत वित्त वर्ष की आयकर विवरणियां पुन: जमा करने की सूचना से कर्मचारियों को अतिरिक्त आयकर जमा करवाने के लिए विवश होना पड़ रहा है जो उन पर अनावश्यक वित्तीय बोझ है ।
उल्लेखनीय है कि नियमानुसार अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक वित्त वर्ष में मार्च से फरवरी माह तक के कुल 12 महीनों का टी$डी$एस$ काटकर अपनी आयकर कटौती की रिटर्न जमा करवाते हैं लेकिन अब पहली बार इन केन्द्रों द्वारा यह फरमान जारी किए गए हैं कि गत वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश के कर्मचारियों को 13 महीनों का वेतन मिलने के कारण उन्हें 12 महीनों की जगह 13 महीनों का आयकर रिटर्न जमा करवानी होगी ।
इस बारे कर्मचारियों का कहना है कि फरवरी महीने के अन्त में जिला खजाना अधिकारियों द्वारा सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों को अपने आयकर को अन्तिम रूप देकर टीडीएस जमा करवाने को कहा जाता है जिसके अनुसार वे अपने 12 महीनों के वेतन अथवा अन्य बकाया आदि की गणना कर अपनी रिटर्न फाईल करते हैं।
यद्यपि इस सम्बन्ध में प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों से 13 महीनों के आयकर कटौती बारे कोई आदेश जारी नहीं हुए है अलबत्ता विशेष सचिवववित्त) एवं निदेशक कोष, लेखा एवं लॉटरी से प्राप्त पत्र संख्या: फिननटीआर)बी15)6/75-लूज, दिनॉक 26 जून,2013 के अनुसार बाकायदा कर्मचारियों को वित्त वर्ष केवल 12 महीनों का ही वेतन आयकर की गणना में लिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं लेकिन इन निर्देशों के बावजूद भी कर्मचारियों से अतिरिक्त आयकर की कटौती हास्यास्पद है।-

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