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वर्ष 2016 से आरम्भ होगा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज: कौल सिंह ठाकुर

bbbधर्मशाला, 17 अक्तूबर: स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश
सरकार ने मण्डी जिला के नेरचौक में स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को अपने अधीन
लेकर इसे अगस्त, 2016 से आरम्भ करने का निर्णय लिया है।
    कौल सिंह ठाकुर आज डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा में आयोजित
तीन दिवसीय भारतीय एनेस्थिसियॉलॉजिस्ट सोसायटी की 16वीं उत्तरी क्षेत्र
वार्षिक सम्मेलन के दूसरे दिन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे
थे। इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले व परिवहन मंत्री
जीएस बाली विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
     स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में लोगों को गुणात्त्मक
और सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए
प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर
विशेष बल दिया जा रहा है तथा सरकार ने आईजीएमसी शिमला और डॉ0 आरपीजीएमसी टांडा
में आपातकालीन मेडिसन विभाग आरम्भ करने का निर्णय लिया है।
     उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए
स्वास्थ्य संस्थानों में अधोसंरचना विकास तथा आधुनिक स्वास्थ्य मशीनरी और
उपकरण उपलब्ध करवाने पर बल दिया जा रहा है।
     उन्होंने कहा कि डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा में 150 करोड़
रूपये की लागत से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल आरम्भ किया गया है तथा इसमें
आधुनिक मशीनरी व उपकरण उपलब्ध करवाने पर 33 करोड़ रूपये व्यय किए जा रहे हैं।
     स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टांडा अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन गैस
पाईपलाईन एवं प्लांट निर्माण के लिए 15 करोड़ रूपये उपलब्ध करवाए गए हैं तथा यह
कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त अस्पताल में ऑपरेशन थियटरों के आधुनिकीकरण
के लिए 4.5 करोड़ रूपये उपलब्ध करवाए गए हैं।
     स्वास्थ्य मंत्री ने टांडा मेडिकल कॉलेज में प्रस्तावित छात्रावासों का
निर्माण कार्य शीघ्र आरम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में
कैंसर रोगियों की सुविधा के लिए मण्डी में 45 करोड़ रूपये की लागत से नया कैंसर
अस्पताल बनाया जा रहा है, इसके अतिरिक्त शिमला के कैंसर अस्पताल को 45 करोड़
रूपये की लागत से स्तरोन्नत किया जा रहा है।
     उन्होंने कहा कि प्रदेश में चंबा, हमीरपुर व नाहन में तीन नए मेडिकल
कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं तथा प्रदेश सरकार आगामी शैक्षणिक सत्र से इन्हें
आरम्भ करने के लिए प्रयासरत है। इसके अतिरिक्त बिलासपुर में बनने वाले एम्स
अस्पताल का निर्माण कार्य आरम्भ करने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से
शीघ्र शिलान्यास करने का आग्रह किया गया है।
     उन्होंने जोनल अस्पताल धर्मशाला को कायाकल्प के अंतर्गत प्रदेश भर में
प्रथम आने व 50 लाख रूपये पुरस्कार मिलने पर अस्पताल प्रशासन व कर्मचारियों को
बधाई दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल विभिन्न स्वास्थ्य मानकों में देश के अन्य
राज्यों की तुलना में अग्रणी है। प्रदेश में शिशु लिंगानुपात के बेहतर संतुलन
के लिए कानूनों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ लोगों को जागरूक
करने पर बल दिया जा रहा है तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत
किया जा रहा है।
    इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले व परिवहन मंत्री
जीएस बाली ने कहा कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा ने काफी कम समय
में बड़ा नाम कमाया है और आज यह संस्थान उत्तर भारत के अग्रणी स्वास्थ्य
संस्थानों में शुमार है। उन्होंने शल्य चिकित्सा में एनेस्थिसिया के महत्व पर
बात करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में बीते वर्षों में गहन शोध व विकास के चलते
काफी प्रगति हुई है। उन्होंने सम्मेलन की सफलता के लिए आयोजकों को बधाई देते
हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से जहां विशेषज्ञों कोे विचार व अनुभव संाझा
करने का अवसर मिलता है वहीं प्रशिक्षु डॉक्टरों का ज्ञानवर्धन होता है।
     इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री और परिवहन मंत्री ने भारतीय
एनेस्थिसियॉलॉजिस्ट सोसायटी की स्मारिका का विमोचन भी किया।
      इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज, टांडा के प्राचार्य अनिल चौहान, एसोसिएशन की
अध्यक्ष डॉ0 नंदिता मेहता, एसोसिएशन की गवर्निंग बाडी के सदस्य डॉ0 सुनील
कटियाल और डॉ0 नवीन मल्होत्रा ने भी अपने विचार रखे।
     डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा के एनेस्थिसिया विभाग के
अध्यक्ष डॉ0 सुदर्शन कुमार ने स्वास्थ्य मंत्री तथा परिवहन मंत्री का स्वागत
किया।
     इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य संस्थानों से आए विभागाध्यक्ष,
विशेषज्ञ एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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