Header ad
Header ad
Header ad

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शिमला द्धारा 3 बैठको में उपस्थित न होने पर भडक़ी सयुक्त संघर्ष समिति

मंडी, 4 जुलाई (पुंछी) : राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शिमला के अधिकारी व सयुक्त संघर्ष समिति के बीच रखी गई 3 बैठको में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शिमला के अधिकारी द्धारा बार-बार उपस्थित न होने पर सयुक्त संघर्ष समिति डडौर, भौर कनैड एवं नौलखा भडक़ उठी है। संघर्ष समिति के प्रधान जोगिन्द्र वालिया ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को चेताया है कि उसके इस अड़ियल व तानाशाहीपूर्ण रवैये के विरोध में स्थानीय जनता, व्यापार मण्डल व किसान सभा, संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट है तथा वे किसी भी जनविरोधी व राष्ट्र विरोधी कार्य का प्रतिरोध करेगें तथा धनेश्वरी से डडौर तक साई वाईपास के निमार्ण हेतु संघर्ष को लेकर 10 जुलाई को सुन्दर नगर में संघर्ष समिति द्वारा उन्ही मुद्दों को लेकर ,एस.डी.एम. सुन्दर नगर के समक्ष प्रदर्शन व रैली का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शिमला के अड़ियल व तानाशाहीपूर्ण रवैये को लेकर फोरलेन संघर्ष समिति की आपात बैठक वीरवार को विजय कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में हाल ही में संघर्ष समिति को सीता राम याचुरी, राज्य सभा सदस्य व स$डक एवं राजमार्ग की स्थायी समिति के अध्यक्ष से पत्र प्राप्त हुआ जो कि सी.पी जोशी पूर्व भूतल परिवहन मन्त्री भारत सरकार द्वारा उन्हे प्रस्तावित फोरलेन के सन्दर्भ में प्रेषित किया गया है। पत्र में नौलखा से डडौर तक प्रस्तावित फोरलेन स$डक निर्माण साथ सर्विस रो$ड बनाने की सम्भावनाओं का पता लगाने हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश जारी किए हैं। बैठक को सम्बोधित करते हुए संयुक्त संघर्ष समिति के प्रधान जोगिन्द्र वालिया ने कहा कि संघर्ष समिति का मानना है कि नौलखा से डडौर तक प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ाई में सर्विस रो$ड व अन्य मूलभूत सुविधाओं (पेयजल, बिजली व संचार) के साथ सर्विस रो$ड बनना मुमकिन नहीं है और जिसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण करना पडेगा।
अधिगहण होने पर टूटेगी 450 घर व दुकाने
संयुक्त संघर्ष समिति के प्रधान जोगिन्द्र वालिया ने कहा कि अतिरिक्त भूमि अधिगहण की स्थिति में 450 घरों व दुकानों को तोडना पड़ेगा जिससे बडे पैमाने पर स्थानीय लोगों को विस्थापन झेलना पड़ेगा तथा छोटे-मोटे व्यवसाय के चौपट होने से रोजी-रोटी भी छिन जाएगी। उन्होने कहा कि नौलखा से डडौर तक मात्र 4.71 कि० मी० में 45 मीटर चौडे सडक निर्माण, भूमि अधिग्रहण तथा अधिगृहित किए जाने वाले 450 घरों/दुकानों के मुआवजे पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 300 करोड रूपए से अधिक का खर्च करना होगा जबकि कीरतपुर से नेर चौक मे 84 कि० मी० स$डक निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण व अन्य मुआवजे के लिए मात्र 523 करो$ड रूपए का प्रावधान है। अत: संघर्ष समिति मांग करती है कि धनेश्वारी से डडौर तक सुकेती खड्ड के दाएं किनारे 45 मीटर वाईपास फोरलेन स$डक का निर्माण किया जाए जिस पर भूमि अधिग्रहण समेत मात्र 108 करो$ड रूपए का खर्च आएगा। यह समझ से परे है कि इतने लोगों को उजा$डकर, तमाम सुरक्षा मानको व राष्ट्र हित को दर किनार कर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, धनोटू से डडौर तक 24म ीटर स$डक निर्माण पर क्यों अ$डा है, जिसके लिए उन्होने 145 चिहिन्त घरों/दुकानों को गिराना होगा तथा जिसके लिए मात्र 47 भवनों के लिए 5 लाख रूपये प्रति भवन मुआवजे की बात कही जा रही है। जोकि एक मजाक से कम नहीं है। इन्ही मुद्दों पर चर्चा करने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शिमला के अधिकारी व संघर्ष समिति को दिनांक 30 मई, 4 जून व 14 जून को वार्ता के लिए बुलाया गया, परन्तु राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी अपने अहं को त्याग कर तीनों बार वार्ता के लिए उपस्थिति नहीं हुए जिससे स्थानीय जनता में न केवल भारी रोष व गुस्सा है बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शिमला के अधिकारियों के अ$िडयल रवैये के पीछे छिपी उनकी मन्शा क्या है इस पर भी सवाल उठने लेगे है। संघर्ष समिति के प्रधान श्री जोगिन्द्र वालिया ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को चेताया है कि उसके इस अ$िडयल व तानाशाहीपूर्ण रवैये के विरोध में स्थानीय जनता, व्यापार मण्डल व किसान सभा, संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट है उनको किसी भी जनविरोधी व राष्ट्र विरोधी कार्य का प्रतिरोध करेगें तथा धनेश्वरी से डडौर तक साई वाईपास के निमार्ण हेतु संघर्ष को और तेज किया जाएगा। बैठक में व्यापार मण्डल की ओर से विजय अवरोल, विजय ठाकुर, हेमप्रभ, राजीव महाजन एवं दया राम व किसान सभा की ओर से गुरिया राम नायक, हेम राज, योगेन्द्र वालिया, छवील चन्द, पीरू राम मौजूद थे।

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

 Click this button or press Ctrl+G to toggle between multilang and English

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *