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राज्यपाल का मीडिया से पहाड़ी व देव संस्कृति के संरक्षण का आग्रह

bhuशिमला 28 सितम्बर,  2015 : राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मीडिया से पहाड़ी संस्कृति व राज्य की अद्वितीय दैव
संस्कृति के संरक्षण में अपना योगदान देने का आग्रह किया। राज्यपाल आज सोलन
में साप्ताहिक शूलिनी समाचार पत्र के 17वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर
बोल रहे थे।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति व परम्पराएं अपने आप में
विशिष्ट हैं, और राज्य के लोगों ने इसे वर्षों से संरक्षित कर रखा है।
उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वे इसे अपनी लेखनी के माध्यम से उजागर करें
ताकि देश के अन्य भागों व विदेशों में भी लोग इस प्रदेश की समृद्ध संस्कृति
व प्राकृतिक नैसर्गिंक सौंदर्य के बारे में जान सकें। उन्होंने कहा कि इससे
भारी संख्या में पर्यटक आकर्षित होंगे और प्रदेश में पर्यटन उद्योग को
बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य के लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी।

राज्यपाल ने जागरूकता अभियानों के माध्यमों से समाज में सभी प्रकार की
कुरीतियों के विरूद्ध लड़ाई आरम्भ करने में मीडिया के सहयोग का आह्वान किया।
उन्होंने विशेषकर युवाओं, जिनके कंधे पर देश के भविष्य का महत्वपूर्ण
दायित्व हैं, में बढ़ती नशाखोरी की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने े स्वच्छता
व पर्यावरण संरक्षण जागरूकता अभियानों, जो हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी
राज्यों जिसकी आर्थिकी पर्यटन उद्योग पर निर्भर है, में मीडिया के सहयोग का
आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ों का संरक्षण करने तथा शहरों को
साफ-सुथरा रखने के लिए जन-आन्दोलन चलाया जाना चाहिए और राज्य के अंतिम
छोर तक केवल मीडिया की पहुंच है।

उन्होंने ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न नसलों की गायों
को पालने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि गांवों की अधिकांश आबादी इस
व्यवसाय से जुड़ी है। उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए जैविक खेती के प्रोत्साहन की
आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वह जैविक खेती को प्रोत्साहित करने,
स्वच्छता अभियान तथा नशाखोरी के विरूद्ध जागरूकता अभियानों के लिए रणनीति
तैयार करने के लिए जिला स्तर पर प्रतिष्ठित लोगों से मिलेंगे और इसके लिये
वह पूरे राज्य को दौरा करेंगे।

आचार्य देवव्रत ने समाज में नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण तथा उनके प्रति
लोगों को जागरूक करने में मीडिया की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि
मीडिया ने देश में प्रजातंत्र को मजबूत करने में अह्म भूमिका अदा की है, और
मीडिया सही मायने में लोकतंत्र का चैथा स्तम्भ है। उन्होंने साप्ताहिक समाचार
पत्र शूलिनी समाचार के संस्थापक श्री अमर नाथ बंसल द्वारा पत्रकारिता की आचारनीति
के संरक्षण तथा समाज में उनके योगदान के लिए उनको बधाई दी।

राज्यपाल ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में अमूल्य योगदान के लिए प्रतिष्ठित
व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाॅ. कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि
लोगों को उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी एवं विकासात्मक
योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मीडिया को विकासात्मक पत्रकारिता
पर बल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया जनमानस तथा सरकार के बीच कड़ी का
कार्य करने की अह्म भूमिका निभा रहा है।

पत्रकार श्री सी.डी. उप्रेति, एबीवाईपी के महासचिव श्री सुरेश बंसल, नेहरू युवा
केन्द्र के पूर्व निदेशक श्री जयपाल मलिक तथा कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र
विभाग के पूर्व प्रमुख श्री हिम्मत सिंह सिन्हा ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे।

शूलिनी समाचार पत्र के मुख्य संपादक श्री संतीश बंसल ने राज्यपाल तथा अन्य गणमान्य
व्यक्तियों का स्वागत किया।

शूलिनी समाचार पत्र के प्रबन्धक श्री जी.सी. गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

सांसद श्री वीरेन्द्र कश्यप, नागालैंड के पूर्व राज्यपाल डाॅ. अश्विनी कुमार, विधायक
श्री गोबिन्द राम, जिला परिषद अध्यक्ष सुश्री शीला, नगर परिषद के अध्यक्ष श्री कुल
राकेश पंत, पूर्व विधायक सुश्री कृष्णा मोहिनी, शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति
श्री पी.के. खोसला, हिमोत्कर्ष के अध्यक्ष कंवर हरि सिंह, पत्रकार, शहर के
विशिष्ट व्यक्ति और जिला प्रशासन के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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