Header ad
Header ad
Header ad
Breaking News

रंग लाए मुकेश अग्निहोत्री के प्रयास, 128 करोड़ की लागत से हिमाचल का पहला आईआईआईटी ऊना में खुलने का मार्ग प्रशस्त, अगले साल बैठेंगी कक्षाएं

ऊना, 7 जुलाई ( राजीव भनोट ) ऊना जिला सूचना प्रौद्योगिकी के अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर प्रमुखता से उभरने जा रहा है । देश का 12वां और हिमाचल प्रदेश का पहला भारतीय सूचना प्रोद्यौगिकी संस्थान ऊना जिला के सलोह में खुलने जा रहा है। भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा अपने मापदंडों में विशेष छूट देकर 128 करोड़ रूपए लागत के इस प्रतिष्ठित संस्थान को हरी झंड़ी दिखाने के बाद हिमाचल प्रदेश मंत्रीमंडल ने भी इसे मंजूरी दे दी है और अगले शैक्षणिक सत्र से यहां कक्षाएं शुरू हो जायेंगी। केन्द्र सरकार की एक टीम द्वारा जिला का दौरा करके हरोली विधानसभा क्षेत्र के सलोह में इस संस्थान के लिए जगह चयनित करके अपनी रिर्पोट केन्द्र को सौंपी गई थी। इस संस्थान में कुल लागत का 50 प्रतिशत केन्द्र व 35 प्रतिशत राज्य सरकार खर्च करेगी जबकि 15 प्रतिशत निजी क्षेत्र की सहभागिता होगी। केन्द्र सरकार ने ऊना जिला में यह संस्थान खोलने का पत्र प्रदेश सरकार को भेज दिया है।
ऊना जिला में प्रदेश का पहला आईआईआईटी खोलने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए निजी क्षेत्र की सहभागिता में 19.2 करोड़ रूपए का बंदोबस्त करना एक बड़ी चुनौती थी । निजी सहभागिता के लिए जो सहयोगी पहले तलाशे गए थे, उन्होंने यह राशि प्रदान करने से अपने हाथ पीछे खींच लिए थे। यह प्रतिष्ठित संस्थान प्रदेश के हाथ से फिसल न जाए, इसके लिए स्वयं मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने हस्तक्षेप किया और हिमाचल प्रदेश पावर करपोरेशन व प्रदेश ट्रांसमिशन कारपोरेशन के अलावा आईटी सेक्टर की एक मल्टीनेशनल कंपनी रोल्टाज की ओर से 19ण्2 करोड़ रूपए की व्यवस्था की। इसमें रोल्टाज इंडिया लिमिटेड द्वारा 6 करोड़ 4 लाख रूपए का अंशदान दिया गया है और यह कंपनी स्थाई रूप से संस्थान के बोर्ड आफ डायरेक्टर्ज में भी होगी। निजी व सार्वजनिक क्षेत्र की सहभागिता वाले तीनों पार्टनरों के बीच जल्दी ही एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे।
इस प्रतिष्ठित संस्थान को ऊना जिला में लाने के लिए उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने काफी जदोजहद की और भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय से इस संस्थान के लिए उन्होंने नियमों में छूट लेकर ऊना जिला को एक बेशकीमती तोहफा प्रदान करवाया। इससे पहले मुकेश अग्निहोत्री के लगातार प्रयासों से ही ऊना जिला की सभी खडड़ों के तटीयकरण के लिए एक हजार करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट को केन्द्रीय जल आयोग से हरी झंड़ी मिल पाई थी।
उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री से जब इस बारे बात की गई तो उन्होंने कहा यह संस्थान 2020 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जायेगा और उच्च तकनीकी शिक्षा हासिल करने के इच्छुक युवाओं के लिए यह संस्थान किसी वरदान से कम नहीं होगा। उन्होंने देश का बाहरवां भारतीय सूचना प्रोद्यौगिकी संस्थान ऊना जिला के लिए स्वीकृत करने पर केन्द्र सरकार व मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह का आभार व्यक्त किया । उन्होंने कहा है कि यह ऊना जिला के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उधर ऊना जिला में आईआईआईटी की कक्षाएं अगले वर्ष से शुरू होने के एलान से समूचे जिला में हर्ष की लहर दौड़ गई है।

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

 Click this button or press Ctrl+G to toggle between multilang and English

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *