October 23, 2017

’मुख्यमंत्री ने दोहराया सरकार के ग्रामीण विकास का संकल्प’

मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने लोगों की

सुविधा के उददेश्य से सरकारी कार्यालयों को गांव की ओर स्थानांतरित करना
आरम्भ किया है ताकि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित बनाया जा
सके। मुख्यमंत्री आज शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत जुब्बड़हट्टी के
नजदीक अनोखी डाली मेले में एक जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि इस विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ऐसे गांव जो सड़क सुविधा से
वंचित हैं, उन्हंे सड़क से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं,
क्योंकि सड़कों के बिना संपूर्ण विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क
कार्यों में तेजी लाने के उददेश्य से धामी में लोक निर्माण विभाग का उप-मंडल
कार्यालय खोला गया है।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में सूक्ष्म उद्योगों के लिए औद्यागिक इकाई स्थापित करने की
घोषणा की जिसके लिए भूमि पहले ही उपलब्ध है। उन्होंने जुब्बहट्टी पशु
औषधालय को पशु अस्पताल के रूप में स्तरोन्नत करने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि भारतीय विमानन प्राधिकरण ने कंडाघाट के नजदीक बड़े हवाई
जहाजों के उतारने की सुविधा एक सर्वेक्षण किया है जिससे इस क्षेत्र में पर्यटक
गतिविधियां बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि एयर-स्ट्रिप के स्तरोन्नयन व पुनरूद्धार के उपरांत जुब्बड़हट्टी
हवाई अडडे से उड़ानें शीघ्र आरम्भ कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि एयर क्राफट
उतारने के लिए पट्टी का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के स्तर में अभूतपूर्व कार्य हुआ है और
आज साक्षरता क्षेत्र में प्रदेश दो अग्रणी राज्यों में है। प्रदेश सरकार ने
बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य के ग्रामीण व दूर-दराज
क्षेत्रों में अनेक स्कूल खोले हैं।

उन्होंने कहा कि अध्यापकों को विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने
के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि पीटीए अध्यापकों को शिक्षा की
मुख्यधारा में लाया जाएगा। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में अनुशासन बनाए
रखने की भी अपील की तथा कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षण संस्थानों में किसी
भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेगी।

श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि मेले और त्योहार प्रदेश के लोगों के जीवन का
महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो हमारी परम्पराओं, रीतिरीवाजों और संस्कृति को
दर्शाते हैं और यह लोगों में आपसी भाईचारा बढ़ाने में भी सहायक हैं।

 

उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक मेला है जो पिछले 112 वर्षों से मनाया जा रहा
है। यह मेला पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है। मेले की अपनी समृद्ध
संस्कृति व परम्परा है जिसमें समय के साथ विस्तार हुआ है।

उन्होंने प्रदेश में गैर-मौसमी सब्जियांे के उत्पादन से आर्थिकी सुदृढ़ करने
के लिए किसानों के प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि गैर मौसमी सब्जियों व
फलों का उत्पादन करने वाले किसानों को और सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध करवाई
जाएंगी।

उन्होंने मेले के दौरान आयोजित विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं के विजेताओं
को पुरस्कार भी वितरित किए। उन्होंने इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी के
विजेताओं व प्रगतिशील किसानों को भी सम्मानित किया।

उन्होंने क्षेत्र की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भी आश्वासन दिया।

इससे पूर्व, अनोखी डाली मेला समिति के अध्यक्ष श्री प्रमोद शर्मा ने मुख्यमंत्री का
स्वागत किया तथा उन्हें सम्मानित भी किया। उन्होंने इस अवसर पर पधारे सभी
गणमान्य व्यक्तियों का भी स्वागत किया। उन्होंने मेले के 112 वर्ष के इतिहास के
बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लिए 120 करोड़ रुपये की
पेयजल आपूर्ति योजना स्वीकृत की गई है जिससे 23 से अधिक पंचायतों के लोग

लाभान्वित होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री का टूटू के नजदीक विपणन उप यार्ड की
आधारशिला रखने के लिए आभार प्रकट किया तथा कहा कि इससे क्षेत्र का किसान
समुदाय लाभान्वित होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र की विभिन्न मांगों
को भी रखा।

इस अवसर पर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री, 20 सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष श्री
राम लाल ठाकुर, जिला कांग्रेस समिति (ग्रामीण) के अध्यक्ष श्री केहर सिंह खाची,
शिमला ग्रामीण खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष श्री चंद्र शेखर शर्मा, हि.प्र.
आवास बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री यशवंत छाजटा, एपीएमसी के अध्यक्ष श्री रमेश ठाकुर,
पूर्व विधायक श्री सोहन लाल, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष श्री एस.एस.
जोगटा, उपायुक्त श्री दिनेश मल्होत्रा, पुलिस अधीक्षक श्री डी. डब्ल्यू नेगी भी इस
अवसर पर उपस्थित थे।

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