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मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी योजना के दूसरे चरण का शुभारम्भ

2 जुलाई शिमला :मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने आज यहां हिमाचल प्रदेश में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना के दूसरे चरण का शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि डीबीटी के दूसरे चरण को प्रदेश के छह जिलों हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, सोलन, कुल्लू और मण्डी जिलों में आरम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि इस चरण के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के तहत 9189 लोगों के बैंक खातों में 8.25 करोड़ रुपये स्थानान्तरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि डीबीटी योजना मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं, इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था, पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना और डाॅ. अम्बेदकर छात्रवृत्ति योजना तथा स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों को लाभ पहुंचाएगी।
श्री वीरभद्र सिंह ने इस उपलब्धि के लिए सभी सम्बन्धित विभागों और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश की लगभग 83 प्रतिशत जनसंख्या को आधार कार्ड उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कुल 68 लाख 64 हजार 602 जनसंख्या में से 64 लााख 45 हजार 602 लोगों का नामांकन आधार कार्ड के लिए किया जा चुका है। प्रदेश के कुल 57 लाख 23 हजार 720 लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। प्रदेश में आधार कार्ड बनाने के लिए वर्तमान में 134 केन्द्र कार्यरत हैं। उन्होंने आशा जताई की कि अगले दो-तीन महीनों में प्रदेश की शत-प्रतिशत जनता को आधार कार्ड उपलब्ध हो जाएंगे और प्रदेश के शेष छह जिले भी डीबीटी योजना के दायरे में आ जाएंगे। उन्होंने लोगों का आहवान किया कि वे नजदीकी आधार केन्द्र में जाकर अपना कार्ड बनवाएं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीबीटी योजना का प्रथम चरण जनवरी, 2013 में आरम्भ किया गया था। प्रथम चरण के तहत विभिन्न योजनाओं के 8452 लाभार्थियों को लगभग 2.16 करोड़ रुपये के लाभ आधार आधारित बैंक खातों में पहुंचाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 2 लाख 92 हजार 921 व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। इसके लिए इस वित्त वर्ष में 172 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रदेश के छह जिलों में डीबीटी के दूसरे चरण के तहत लाभार्थियों को प्रत्यक्ष नकद स्थानान्तरण करने का निर्णय लिया है। इन
छह जिलों में राष्ट्रीय पेंशन योजनाओं के तहत 44780 पेंशनर डीबीटी से लाभान्वित होंगे। इनमें से 6254 पेंशनरों की पेंशन आधार कार्ड आधारित बैंक खातों में जाएगी।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा कि वित्त् वर्ष 2013-14 के बजट में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की राशि में वृद्धि कर हर वर्ग को राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं की धनराशि आधार से जुड़े उनके खातों में पहुंचाई जाएंगी, जिससे पारदर्शिता और बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और अन्य सम्बद्ध विभागों से कहा कि सितम्बर, 2013 तक प्रदेश की शत-प्रतिशत जनसंख्या के आधार कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली, भू-अभिलेख, मनरेगा और पेंशन इत्यादि जैसी अतिरिक्त सेवाओं को लोगों तक पहंुंचाने के लिए आधार कार्ड के प्रयोग की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिएं।
प्रधान सचिव सूचना प्रौद्योगिकी श्री पी.सी. धीमान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा डीबीटी योजना के द्वितीय चरण की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक 94 प्रतिशत व्यक्तियों का आधार कार्ड के लिए नामांकन किया जा चुका है और आधार कार्ड बनाने में हिमाचल प्रदेश का देश में गोवा के बाद दूसरा स्थान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों की आधार कार्ड से सम्बन्धित विभिन्न समस्याएं सुलझाने के लिए शिमला में दूरभाष संख्या 0177-2626709 पर सभी कार्य दिवसों पर प्रातः 10.00 बजे से सायं 7.00 बजे तक सम्पर्क किया जा सकता है।
निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी श्री मनीष गर्ग, निदेशक अनुसचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक कल्याण मामले सुश्री नंदिता गुप्ता, निदेशक महिला एवं बाल कल्याण श्रीमती मधु बाला शर्मा और निदेशक उच्च शिक्षा श्री दिनकर बुराथोकी ने इस अवसर पर अपने-अपने विभाग से सम्बन्धित डीबीटी के अन्तर्गत लाई गई विभिन्न योजनाओं के सम्बन्ध में प्रस्तृतिकरण दिया।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रीमती विद्या स्टोक्स, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. कर्नल धनी राम शांडिल, हिमाचल प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष श्री जगत सिंह नेगी, भारतीय विशिष्ठ पहचान प्राधिकरण की उप महानिदेशक श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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