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’मुख्यमंत्री का दंत क्षेत्र में आधुनिक तकनीक अपनाने पर बल ’

मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि दंत चिकित्सा मौजूदा परिपे्रक्ष्य में नये
चिकित्सा विज्ञान के रूप में तेजी से उभरा है तथा विशेषज्ञ सेवाएं होने के
कारण यह आवश्यक है कि इस क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को अपनाया जाए। मुख्यमंत्री
आज इंडियन डेंटल एसोसिएशन के हिमाचल चैप्टर द्वारा सोलन में आयोजित 13वीं
वार्षिक हिमाचल प्रदेश राज्य दंत कार्यशाला में बोल रहे थे।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध
करवाने के प्रति वचनबद्ध है तथा प्रदेश के दूरराज क्षेत्रों में अनेक स्वास्थ्य
संस्थाएं आरम्भ किए गए हैं, जहां चिकित्सकों की तैेनाती सुनिश्चित बनाई गई
है। उन्होंने कहा कि राज्यें के सभी अस्पतालोें में आधुनिक उपकरण एवं
मशीनरी उपलब्ध करवाकर उन्हें और सुदृढ़ बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि
शिमला शहर के समीप लगभग 165 बीघा जमीन चिन्हित की गई है, जहां दंत
महाविद्यालय तथा नर्सिग महाविद्यालय आरम्भ किए जाएंगे। इससे आईजीएमसी, शिमला
तथा दंत महाविद्यालय, शिमला में रागियों का दबाव कम करने में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दंत महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला लोगों को बेहतर
सेवाएं उपलब्ध करवा रहा है। यह देश के श्रेष्ठ दंत काॅलेजों में एक है। शिमला
दंत महाविद्यालय एवं अस्पताल 1994 में स्थापित किया गया था, उस समय यहां बेचलर
आॅफ डेंटल सर्जरी मेें केवल 20 सीटें थी, जो आज लगभग 60 हो चुकी हैं।
प्रदेश के सरकारी तथा निजी दंत महाविद्यालय एवं अस्पतालों में आज 320 बीडीएस
सीटों की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि स्कूल स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अन्तर्गत
विद्यार्थियों का नियमित चैकअप सुनिश्चित बनाया जा रहा है। प्रदेश में कुछ निजी
महाविद्यालय दंत स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि
प्रदेश सरकार दंत चिकित्सकों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए
कृतसंकल्प है और उनकी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भारतीय डेंटल एसोसिएशन के हिमाचल चैप्टर को कार्यशाला आयोजित
करने के लिए बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यशाला से दक्षता सुधार
और इस क्षेत्र में नवीनतम विकास व अनुसंधान की जानकारी मिलेगी।
आईडीए के अध्यक्ष डा. महेश वर्मा ने आईडीए की गतिविधियों बारे विस्तृत
जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश भर में आईडीए की वर्तमान में 500 शाखाएं
कार्यरत हैं, जिसके 65 हजार से अधिक सदस्य हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से वर्तमान
अधोसंरचना को और सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल
प्रदेश में दंत स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने इस बात पर
प्रसन्नता जाहिर की कि हिमाचल प्रदेश में दूरदराज तथा जनजातीय क्षेत्रां के किन्नौर
तथा लाहौल स्पीति में दंत क्लिनिक खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में
और अधिक दंत अस्पताल खोलने की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्राथमिक
स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर दंत सर्जनों के पद सृजित करने का भी आग्रह किया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री धनीराम शांडिल ने आईडीए के हिमाचल
चैप्टर को कार्यशाला आयोजित करने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि
आज ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले लोग भी दंत स्वास्थ्य के महत्व को समझने लगे
हैं।

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