October 22, 2017

‘मुआवजे’ ने गुदगुदाया कुल्लू

kullu16-51-300x183कुल्लू —  रंग मेला की छठी संध्या में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से चल रहे इस नाट्योत्सव में एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन कुल्लू के कलाकारों ने मुआवजे नाटक से भुट्ठी कालोनी में दर्शकों को गुदगुदाया। प्रख्यात नाटककार भीष्म साहनी द्वारा लिखित इस नाटक की कहानी को कहने के लिए निर्देशक केहर सिंह ठाकुर ने कुल्लू क्षेत्र की लुप्तप्रायः बारतबारा शैली का सहारा लिया। यह नाटक वर्तमान भारतीय समाज की असमाजिकता पर व्यंग्य करता है। यह आज की बदली हुई मूल व्यवस्था पर एक सार्थक टिप्पणी है। नगर में सांप्रदायिक दंगे के भड़क उठने का डर है। इक्का-दुक्का छोटी-मोटी घटनाएं भी घट चुकी हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति का सामना किस प्रकार किया जाता है, हमारा प्रशासन, हमारे नागरिक, हमारा धनी वर्ग, हमारे सियासतदां किस प्रकार इसका सामना करते हैं, इस विषय को लेकर नाटक का ताना-बाना बुना गया है। एक ओर जहां बटन फैक्टरी का मालिक, नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए, पुलिस कमिश्नर से यह आग्रह करने जाता है कि दंगे की रोकथाम के लिए सरकार हर मुमकिन कदम उठाए, वहीं दूसरी ओर, अपनी जाति विशेष की रक्षा के लिए उनका अनुज हथियार इकट्ठा करने का भी बंदोबस्त करता है।

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