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मिड-डे-मील की गुणवत्ता परखे समितिः उपायुक्त

धर्मशाला, 22 जुलाई: उपायुक्त, कांगड़ा, श्री सी.पाॅलरासु ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिला के सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील के तहत बनाए जाने वाले भोजन को बच्चों को परोसने से पहले उसकी गुणवता की जांच संबंधित स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा आवश्यक रूप से की जाए और भोजन के लिए उपयुक्त की जाने वाली खाद्य सामग्री एवं पेयजल की प्रमाणिता की अवश्य जांच की जाए।
उपायुक्त आज यहां सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत जिला में शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए कार्यान्वित किए जा रहे विभिन्न कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने जानकारी दी कि सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत कांगड़ा जिला में 34 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जा रही है जबकि गत वर्ष के दौरान इस कार्यक्रम के अंतर्गत 49 करोड़ रुपए की राशि शिक्षा के मूलभूत ढांचे को सुदृढ़ करने पर व्यय की गई।
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में ड्राप-आऊट शून्य लाने के लिए कड़ी मेहनत करें और जो बच्चे अभी तक स्कूलों में नहीं जा रहे हैं, उन्हें स्कूलों में दाखिल करवाया जाए ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा ग्रहण करने से वंचित न रहे।
उन्होंने स्कूल प्रबंधन समिति को यह भी निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों में निर्मित किए जा रहे कमरों, मैदानों एवं शौचालयों इत्यादि कार्यों में गुणवता का विशेष ध्यान रखा जाए और निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री भी अच्छी क्वालिटी की होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल तथा शौचालय की स्वच्छता पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रबंधन समिति का नैतिक दायित्व बन जाता है कि बच्चों के लिए स्कूल में बेहतर एवं गुणात्मक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं जिसके लिए सरकार द्वारा उदारता से धनराशि का प्रावधान किया गया है।
परियोजना अधिकारी, सर्वशिक्षा अभियान ने जिला में सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों बारे विस्तृत जानकारी दी।

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