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मनरेगा के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित बनाया जाएगा: श्री अनिल शर्मा

शिमला 17 जुलाई : ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री अनिल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के प्रभावी कार्यान्वयन और वांछित परिणामों को हासिल करने के लिए ठोस पग उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संबद्ध विभागों जैसे लोक निर्माण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, वन इत्यादि को इस महत्वपूर्ण मांग आधारित कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि श्रम शक्ति उपलब्ध होने के साथ-साथ विकास योजनाओं को पूरा किया जा सके।
श्री अनिल शर्मा आज शिमला के लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के दो दिवसीय राज्य स्तरीय वार्षिक सम्मेलन के समापन अवसर पर बोल रहे थे।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में निर्धारित मापदण्डों को कड़ाई से लागू कर विकास कार्यों को सुनिश्चित बनाया जाएगा। कार्यक्रम के तहत कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ धन के समुचित उपयोग को भी सुनिश्चित बनाया जाएगा ताकि लक्षित व्यक्तियों को लाभान्वित करने के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को दिशा दी जा सके।
उन्होंने केंद्र द्वारा प्रायोजित अन्य ग्रामीण विकास से संबंधित सभी फलैगशिप कार्यक्रमों जैसे निर्मल भारत अभियान, जलागम विकास कार्यक्रम, स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, इंदिरा आवास योजना इत्यादि के लिए निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत इस वित्त वर्ष 2013-14 के लिए 14 अगस्त और 15 अगस्त, 2013 को ग्राम सभा की बैठकों में ‘शैल्फ’ को स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। इसके पश्चात, निर्धारित कार्यों को पूरा करने के लिए उचित पग उठाए जाएंगे।
श्री अनिल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में गरीबी उन्मूलन के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह केंद्र प्रायोजित हैं। उन्होंने संबंधित विभागों से इन कार्यक्रमों के सफल कार्यान्वयन के लिए योजनाबद्ध व समयबद्ध कार्य सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए ताकि इन कार्यक्रमों का समुचित लाभ उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि इंदिरा आवास योजना के अन्तर्गत वर्ष 2013-14 में 7064 इकाइयों का निर्माण किया जाएगा, जिसके तहत लाभार्थी को भवन निर्माण के लिए 75000 रुपये प्रति इकाई अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, राजीव आवास योजना के तहत इस वित्त वर्ष में 1616 इकाइयों के निर्माण का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि प्रथम अक्तूबर, 2013 से प्रदेश के सभी जिलों में ‘डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम’ को लागू कर दिया जाएगा, जिससे विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाला लाभ सीधा लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होगा। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष से प्रदेश में आजीविका कार्यक्रम आरम्भ किया जाएगा,
संख्या 790/2013-पब .2.
जिसके लिए 100 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूह को 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध होगी। इससे स्व-रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और उन्हें आजीविका के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध होंगे।
इससे पूर्व, मनरेगा के कार्यान्वयन पर मीडिया के लिए ओरियनटेशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज डाॅ. ए.आर. सिहाग ने इस अवसर पर प्रदेश में कार्यान्वित किए जा विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक श्री जे.सी. चैहान ने विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के सफल कार्यान्वयन के लिए उठाए गए विभिन्न पगों की जानकारी दी।
विशेष सचिव एवं अतिरिक्त निदेशक श्री राजीव शर्मा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
मुख्य संसदीय सचिव पंचायती राज श्री सोहन लाल, मुख्य संसदीय सचिव ग्रामीण विकास श्री इन्द्र दत्त लखनपाल, निदेशक हिपा श्रीमती पूर्णिमा चैहान, अतिरिक्त निदेशक एवं विशेष सचिव पंचायती राज श्री डी.डी. शर्मा तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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