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मंडी जिला में जलागम प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 106 करोड व्यय किए जा रहे है: गोपाल चंद

मंडी, 4 जुलाई (पुंछी) : जिला मंडी में जलागम प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 106 करोड़ रूपये की राशि व्यय की जा रही है । उपायुक्त कार्यालय के सभागार में यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त गोपाल चंद ने इस संदर्भ में आयोजित एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी । उन्होंने बताया कि जलागम प्रबंधन कार्यक्रम के तहत जिला में 11 परियोजनाएं क्रियान्वित की जानी है जिनमें से 6 परियोजनाएं आरंभ हो चुकी है तथा 5 परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है । उन्होंने बताया कि जलागम प्रबंधन कार्यक्रम के तहत जिला में 70702 हैक्टेयर भूमि को उपचारित किया जायेगा ।
जलागम प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 128 ग्राम पंचायतों के लोग होगे लाभान्वित
अतिरिक्त उपायुक्त गोपाल चंद ने बताया कि इससे जिला की 128 ग्राम पंचायतों के लोग लाभान्वित होंगे । उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत भू-संरक्षण, जल संरक्षण तथा सिंचाई गतिविधियों पर बल दिया जायेगा । उन्होंने बताया कि जल संरक्षण के लिए जल संग्रहण टैंकों, चैक डैमों का निर्माण किया जायेगा जिससे पानी को संग्रहित कर उसे उपयोग में लाया जा सके । उन्होंने बताया कि जिला में जल संरक्षण से संबंधित 1780 कार्य मंजूर किए गए हैं जिनमें से 951 कार्य पूरे कर लिए गए हैं तथा शेष का कार्य प्रगति पर है । उन्होंने बताया कि ईपीए घटक के तहत 244 कार्य अभी तक मंजूर किए गए हैं जिनमें से 57 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा शेष का कार्य प्रगति पर है । उन्होंने बताया कि आजिविका घटक के तहत लोगों के स्वयं सहायता समुह गठित कर उन्हें स्वरोजगार अपनाने हेतू प्रेरित किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूह तथा व्यक्तिगत उद्यमी को परिक्रमण राशि तथा समग्र ऋण उपलब्ध करवाने का प्रावधान है । उन्होंने बताया कि लोगों को मशरूम उत्पादन, भेड पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, डेयरी फार्म, पुष्प उत्पादन आदि क्षेत्रों में अपना कार्य आरंभ करने हेतू प्रेरित किया जा रहा है । उन्होंने बतया कि स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है ताकि वह बेहतर तरीके से कार्य कर सके । उन्होंने बताया कि जिला में अभी तक 473 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर लिया गया है । उन्होंने बताया कि गठित किए गए समूहों को बैंकों के साथ जोडा जा रहा है ताकि भविष्य में उन्हें कार्य करने में सुविधा हो । बैठक में तकनीकी विशेषज्ञ आजिविका सुभाष गौतम, तकनीकी विशेषज्ञ सिविल श्री गोपाल कृष्ण तथा तकनीकी विशेषज्ञ पशु पालन एचएस राणा भी उपस्थित थे ।

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