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भोरंज में घरेलू हिंसा पर कार्यक्रम आयोजित घरेलू हिंसा से पीडि़त संरक्षण अधिकारी से शिकायत करें

हमीरपुर, 23जुलाई समाज में घरेलू हिंसा बुराई
को समाप्त करने के लिये महिला -पुरूष दोनों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी
होगी तभी इन कुरीतियों को समाप्त किया जा सकेगा।  एसडीएम भोंरज बलवान चंद ने
आज बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं और आंगनबाड़ी
कार्यकर्ताओं के लिये आयोजित समाज में घरेलू हिंसा पर आधारित शिविर की
अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों के लिये प्रत्येक
वर्ग का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपनी
महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हुए साकारात्मक सामाजिक सोच पैदा करनी होगी तभी
सशक्त एवं स्वच्छ समाज का निर्माण संभव होगा।  उन्होंने महिला शिक्षा की
आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जब महिला शिक्षित, सशक्त तथा  अर्थिक रूप से
सुदृढ़ होगी तभी घरेलू हिंसा से निपटने के लिये सक्षम होगी।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य घरेलू हिंसा का रोकना है जिसके
लिये पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने
क्षेत्र में प्रतिमाह बैठकें आयोजित कर घरेलू हिंसा से संबन्धित मामलों को
सुलझाने का प्रयास करें । उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आए दिन घरेलू हिंसा के
मामलों में बढ़ौतरी हो रही है जोकि एक गम्भीर समस्या है।
उन्होंने कहा कि पुरूष वर्ग से अहवान करते हुए कहा कि वे गृहस्थी को सुचारू
रूप से चलाने के लिये सोच बदलनी होगी और अपने अहम को सामने न लाकर घर में
साकारात्मक सहयोग प्रदान करें जिससे किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न ही न
हो।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीकण्ठ चौधरी ने  महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि
महिलाएं अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी निर्वाहन पूर्ण

निष्ठा से करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आह्वान करते हुए कहा कि वे सही और
गलत की परिभाषा को समझें । उन्होंने कहा कि इस प्रकार  कार्यक्रमों के  आयोजन
का मुख्य उद्देश्य  लोगों को जागरूक कर समाज में पनप रही कुरीतियों को रोकना
है। उन्होंने महिलाओं को इन कुरीतियों को दूर करने  के लिये आगे आने की
आवश्यकता पर बल दिया ।
इस मौके पर संरक्षण अधिकारी प्रदीप और अभिषेक , गीता मरवाहा ने भी घरेलू हिंसा
कानून बारे विस्तार से जानकारी दी ।
सीडीपीओ, भोरंज नरेन्द्र ने बताया कि भोरंज उप-मण्डल में घरेलू हिंसा से
निपटने के लिये ग्रामीण स्तर पर संरक्षण अधिकारियों द्वारा 50 शिविरों का
आयोजन किया जाएगा ताकि समस्त नागरिक जागरूक हो सके।  उन्होंने बताया कि भोरंज
में लंजियाणी में शैल्टर होम बनाया गया है, जिसमें घरेलू हिंसा से पीडि़त
महिलाओं को शरण दी जाएगी।  उन्होंने कहा हिंसा की शिकार महिलाएं अपने संबन्धित
वृत की संरक्षण अधिकारी को सीधे तौर पर कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि घरेलू
हिंसा अधिनियम के तहत वृत पर्यवेक्षकों संरक्षण अधिकारी बनाया गया है।
इससे पूर्व खण्ड विकास अधिकारी, भोरंज ने मुख्यातिथि का स्वागत  किया और सरकार
द्वारा महिला उत्थान के लिये चलाई जा रही विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।
इस मौके पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों ने घरेलू हिंसा से निपटने
के लिये उपस्थित महिला समूह को नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत के माध्यम से जागरूक
किया ।
इस मौके पर तहसीलदार भोंरज संजय शर्मा  , तहसील कल्याण अधिकारी उर्मिल पटियाल
के अतिरिक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और पंचायती राज संस्थाओं  के पदाधिकारी
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