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बीमा कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

kangraपालमपुर/कांगड़ा/नूरपुर: भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने बीमा संशोधन विधेयक 2008 के विरोध में प्रदर्शन किया। जीवन बीमा निगम संगठन के सचिव राकेश चंद ने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 26 प्रतिशत से बढ़कर 49 प्रतिशत हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष में रहते वर्तमान केंद्र सरकार ने इसका विरोध किया था परंतु अब अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय पूंजी के दबाव में सरकार यह पग उठाने जा रही है।सरकार का तर्क है कि विदेशी निवेश की सीमा बढऩे से देश में 60 हजार करोड़ की धनराशि आएगी जबकि वर्ष 2002 में निजी क्षेत्र के लिए बीमा क्षेत्र को खोले जाने से अब तक विदेशी निवेश से मात्र 6040 करोड़ रुपए देश में आए हंै जबकि भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा वर्ष 2012-13 में 8800 करोड़ की धनराशि कर व लाभांश के रूप में दी गई है जबकि 2013-14 में 12608 करोड़ का लाभांश दिया गया है। उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश बढ़ाए जाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि बीमा कर्मचारी देश के राष्ट्रीयकृत बीमा उद्योग को बचाए रखने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे तथा यदि सरकार इस बिल को पारित करवाने में सफल रहती है तो बीमा कर्मचारी अगले दिन एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर अपना रोष व्यक्त करेंगे। वहीं कांगड़ा शहर में भी कैंडल जुलूस निकाल कर केंद्रीय सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। शाखा के सचिव प्रीतम चंद ने बताया कि इसमें सीटू, इंटक, एसएफआई छात्र संगठन व अन्य संगठन के कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया। उधर, नूरपुर में भारतीय जीवन बीमा निगम नूरपुर शाखा के कर्मचारियों ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को 26 प्रतिशत से 49 प्रतिशत करने के विरोध में मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय जीवन बीमा निगम कर्मचारी संघ नूरपुर के प्रधान सुरेश शर्मा ने बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ाने के फैसले की ङ्क्षनदा की।

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