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बिजली महादेव की छांव में बसा है सबसे बड़ा गांव, खराहल की ख्याति में जुड़ गया है एक नया रोचक तथ्य, अब खराहल बन गया है हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा गांव, जनगणना के आंकड़ों के अनुसार 12,384 है इसकी जनसंख्या

17 जुलाई कुल्लू : भगवान रघुनाथ की नगरी कुल्लू के ठीक सामने बिजली महादेव के पावन सान्निध्य में बसी खराहल घाटी जहां अपने प्राकृतिक सौंदर्य और हरे-भरे बगीचों के कारण सभी का मन मोह लेती है, वहीं अब इस सुंदर घाटी के साथ एक और रोचक तथ्य जुड़ गया है। बिजली महादेव की छांव में बसा खराहल अब हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा गांव बन गया है। हाल ही में जारी जनगणना के आंकड़ों के अनुसार खराहल की जनसंख्या 12,384 हो गई है। इसके साथ ही कुल्लू जिले के ही गांव निरमंड को पछाड़ते हुए अब खराहल पहले पायदान पर पहुंच गया है।

कल-कल करती बहती सदानीरा ब्यास के बाएं किनारे पर कई किलोमीटर तक फैले खराहल क्षेत्र में पांच पंचायतें और तीन दर्जन से अधिक उपगांव आते हैं लेकिन राजस्व रिकाॅर्ड में ये पंचायतें व उपगांव खराहल फाटी में ही शामिल हैं। लिहाजा, राजस्व रिकाॅर्ड में खराहल को एक ही गांव का दर्जा प्राप्त है। इस गांव का क्षेत्रफल लगभग 2366 हैक्टेयर है। इसमें ग्राम पंचायत न्यूली, पुईद, चंसारी, सेउगी और ग्राम पंचायत तलोगी शामिल हैं।
उपयुक्त जलवायु व उपजाउ जमीन के कारण कालांतर में खराहल में काफी संख्या में लोग बसते चले गए और अब इसकी गणना कुल्लू जिला के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में की जाती है। प्रकृति ने खराहल को जहां हरी-भरी वादियां, उपयुक्त जलवायु व उपजाउ भूमि प्रदान की है, वहीं भगवान शंकर भी यहां उंची पहाड़ी पर बिजली महादेव के रूप में विराजमान होकर इस सुंदर गांव को अपना आशीर्वाद देते प्रतीत होते हैं।
पलम, नाशपाती, आड़ू, खुमानी, अनार और सेब के बगीचे खराहल के हजारों किसानों-बागवानों की आजीविका चलाने के साथ-साथ इस गांव की खूबसूरती में भी चार चांद लगाते हैं। यहां मटर और अन्य बेमौसमी सब्जियों की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है। अप्रैल में जब मैदानी इलाकों में झुलसाती गर्मी पड़नी शुरू होती है तो उसी समय खराहल की शांत व ठंडी वादियां पलम, नाशपाती और आड़ू के फूलों से चमक उठती है। उस समय खराहल का नजारा कुछ और ही होता है। ऐसा प्रतीत होता है कि पतझड़ के बाद खराहल के श्रृंगार के लिए प्रकृति स्वयं यहां उतर आई हो। मीलों तक फूलों की चमक ही चमक नजर आती है। बरसात के आते ही इन फूलों की चमक फलों की महक में तबदील होती है तो यहां बागवान के दिल भी बाग-बाग हो उठते हैं, क्योंकि बागवानी ही तो उनकी आजीविका का साधन है।
इस प्रकार कुल्लू जिला का खूबसूरत गांव खराहल कई मायनों खास है। अब प्रदेश के सबसे बड़े गांव का दर्जा पाने से खराहल की ख्याति और भी बढ़ गई है।

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