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बाल्मीकि समुदाय के लोगों के आशियाने को तोडऩे की कार्यवाही तुरन्त बन्द करवाने को लेकर सौंपा ज्ञापन

मंडी, 29 जुलाई (पुंछी) : मंडी शहर में हाई कोर्ट के आदेशो पर अम्ल करते हुए नगर परिषद मंडी पिछले 15 दिनो से शहर में सरकारी भूमि पर किये गए अवैध कब्जो को हटा रही है। नगर परिषद द्धारा बाल्मीकि समुदाय के लोगों के आशियाने/मकानों को तोडऩे की कार्यवाही तुरन्त बन्द करवाने और हमारे कब्जों को बतौर आवास उसी स्थान पर नियमित करने को लेकर सोमवार को सफाई कामगार मंडी के लोगो का एक प्रतिनिधिमंडल भूमिहीन भूमि अधिकार अभियान हिमाचल प्रदेश के जिला संयोजक बालक राम की अगुवाई में उपायुक्त मंडी से मिला और उनके माध्यम से एक ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा। उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में प्रतिनिमंडल ने बताया कि हम सफाई कामगार – बाल्मीकि समुदाय के लोगों को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 1950 के दशक में सफाई के विशेष कार्य के लिये लाया गया। तब से लेकर आज लगभग 60 वर्ष पूरे हो गये हैं, मगर आज तक हमारे किसी भी सफाई कामगार – बाल्मीकि समुदाय के ब्यक्ति को सरकार या जिला प्रशसन द्वारा कहीं पर भी नही बसाया गया हैं। हमारे लोगों ने अपनी सारी उम्र की कमाई लगाते हुये अपने रहने के लिये शहर के साथ लगती बेकार बंजर भूमि और नदी-नालों के आस पास अपने आशियाने बनाए हैं। परन्तु नगर परिषद बार-बार उच्च न्यायलय के आदेशो का हवाला देकर हमें बसाने के वजाए हमारे आशियानों/मकानों को गिराने के नोटिस देती रहती है। इस से जहां हमारे समुदाय में भय का माहौल पनप रहा है वहीं सारा समुदाय मानसिक रूप से भी प्रताडित हो रहा हैं। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हम उच्च न्यायलय का सम्मान करते हैंै। मगर हम मांग करते हैं कि पहले हमारे आवास के अधिकार को बहाल किया जाये। आज तक हमें प्रदेश के नागरिक के रूप में मान्यता नहीे मिली है। हालांकि वोटर लिस्ट में हमारे नाम दर्ज है। परन्तु परिवार रजिस्टर में हमारे नाम दर्ज नहीं हैं। इस स्ििथती से हमारे मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा हैं। इस आदेश के माध्यम से 150 के लगभग परिवारों से उनके आवास के अधिकार उनसे छीन जाएगा। महोदय आप भली-भंाती जानते हैं कि हमारे से शहर चलता है, बनता है, स्वच्छ रहता हैं, मगर हमें आवास का अधिकार नहीं हैं। यह इस समुदाय के लिये किसी विडंबना से कम नहीं हैं। महोदय आप हमारी समस्याओं से पहले ही परिचित हैं, आप ने मंडी में 2005 में महार्शि बाल्मिकी जयंती के उपलक्ष्य पर हमारे समाज को 2 बिस्वा जमीन और मकान निर्माण के लिये विशेष अर्थिक सहायता देने का आष्वासन भी दिया था। हमें पुरा विष्वास है कि आप हमारी समस्याओं का समाधान प्राथमिता के आधार शीघ्र अति शीघ्र करेगें ।

सफाई कामगार – बाल्मीकि समुदाय की मांगे
1 बेघर सफाई कामगारों ;बाल्मीकि समुदाय) के आशियाने तोडऩे की कार्यवाही तुरन्त बन्द की जाए और इनके कब्जों को बतौर आवास के आवास के अधिकार को सुनिश्चित करते हुए उसी स्थान पर नियमित किया जाये।
2 प्रत्येक बेघर सफाई कामगार ;बाल्मीकि समुदाय) और अन्य गैर कृषक परिवार की महिला के नाम से आवास के लिए कम से कम 600 गज भूमि दी जाए।
3 सफाई कामगारों ;बाल्मीकि समुदाय) के अनुसूचित जाति और स्थाई निवासी प्रमाण पत्र बनाना सुनिष्चित करवाया जाए।
4 षुश्क शोचाालयों पर सख्ती से प्रतिबन्ध लगाया जाए।
5 मल निकासी के कार्य मे लगे सफाई कामगारों को व्यवसायिक स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित की जाए।
6 सफाई के कार्य में ठेकेदारी प्रथा को पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित किया जाए। तथा इस कार्य को सफाई कामगारों की उत्पादक कम्पनियां बनवाकर सफाई के सभी तरह के कार्य इन्हें देना सुनिश्चित किया जाएं।
7 अभी हाल ही में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायलय के आदेष पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में जिन भूमिहीन परिवारों के आशियाने तोड़े/उजाड़े गए हैं, उनके कब्जे उसी जमीन पर बहाल करक,े उन्हें नया आशियाना/मकान बनाने के लिए इन्दिरा आवास/राजीव आवास/गांधी कुटीर योजना के अन्तर्गत सहायता देकर मनरेगा के तहत बनवाया जाएं।

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