October 21, 2017

बादल फटने से हुई भारी तबाही को लेकर ए.डी.सी व ए.डी.एम से मिला प्रतिनिधिमंडल

मंडी, 17 जुलाई (पुंछी) : हाल ही में कोलंग पंचायत में बादल फटने से हुई भारी तबाही को लेकर बुधवार को हिमाचल किसान सभा के राज्य सहसचिव कुशाल भारद्वाज, जिला उपाध्यक्ष परस राम, भूपेन्द्र सिंह व महेन्द्र राणा के नेतृत्व में कोलंग पंचायत के प्राकृतिक आपदा प्रभावित किसानों का एक प्रतिनिधिमण्डल मंडी में ए.डी.सी मंडी गोपाल चंद व ए.डी.एम पंकज राय से मिला व उनके माध्यम से प्रदेश के मुख्यमन्त्री व अन्य मंत्रियों को ज्ञापन सौपे। । ए.डी.सी मंडी व ए.डी.एम को सौंपे ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 7 जुलाई की रात को कोलंग पंचायत में बादल फटने से जिससे कोलंग, रांगड़ा सरहूण, भरगाईं सरहूण व कलैहडू गॉंवों में लगभग 50 करो$ड की सरकारी व निजि सम्पति तबाह हो गई है। यदि जल्दी ही पुनर्निर्माण कार्य आरम्भ नहीं किये गये तो कोलंग पंचायत में हालात और भी खराब हो सकते हैं। इस प्राकृतिक आपदा में कोलंग के कालीदास की 2 कमरों वाली दुकान जिसमें फ्रिज, रसोई गैस सिलेण्डर व अन्य लाखों के सामान के साथ-साथ 150 मुर्गों से भरे एक पोल्ट्री फार्म का नामोंनिशान मिट गया है। घर की दीवारें व नींव दरक गई हैं तथा शौचालय का सेटी टैंक व कुछ खेत भी बा$ढ में बह गये हैं। कालीदास के मकान के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। अत: पूरे परिवार को घर छो$डकर पुराने मकान में शरण लेनी प$ड रही है। इसी प्रकार पंचायत के पूर्व प्रधान राजमल के मकान में भी पानी व मलबा घुस जाने व मकान को खतरा मंडराने से उनका परिवार कलैह$डू गॉंव में अपने रिश्तेदारों के घर में रहने को मजबूर हुआ है। उन्होंने कहा कि गॉंव के ही ठाकर सिंह के मकान को भी खतरा मंडरा रहा है तथा वे भी परिवार सहित दूसरी जगह रहने को मजबूर हो रहे हैं। सुरेश कुमार व किशन सहित तीन परिवारों के तीन घराट पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। प्रकाश व प्रताप की गौशालाओं के लिए भी खतरा पैदा हो गया है, तथा उन्हें गौशालाएं खाली करने को मजबूर होना प$डा है। गॉंव के सभी रास्ते, एक पुली, दो बाव$िडयां, पानी की पाइपें, एक हैंड पम्प तथा सिंचाई व घराट की कूहलें भी पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं। खद्दर पंचायत के लिए पानी की सप्लाई भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। इस प्राकृतिक आपदा में कोलंग गॉंव के भीम सिंह, कालीदास, गुलाब सिंह, ज्ञान चंद, राजमल, प्रताप सिंह व प्रकाश चंद के खेत तबाह हो गये हैं, वहीं कलैह$डू गॉंव के शुक्रू राम, प्रेम सिंह, दान सिंह, ज्ञान चंद, बलदेव, पाल सिंह, पान सिंह, सुरेश चंद, गुलाब सिंह, रमेश चंद, जोगिन्दर, कृष्ण चंद, उमदा राम तथा दौलत राम के खेत बह गये हैं। रांग$डा सरहूण गॉंव के प्यार चंद, लाल चंद, भागमल, किशन, दान सिंह, प्रेम सिंह, विजय कुमार, बालम राम, राजकुमार, भाग सिंह, मोहन सिंह, खेम चंद, ओम चंद, दलीप सिंह, सोहन सिंह, बलदेव व रूप सिंह तथा भरगाईं सरहूण गॉंव के रोशन लाल, अमी चंद, ज्ञानचंद, अच्छरू राम, सोहन सिंह, भादर सिंह, शेर सिंह, प्रेम सिंह, प्रताप सिंह, बालम राम, ठाकर सिंह, व स्वामी राम के खेत या तो भारी बा$ढ में बह गये हैं या फिर मलबे व चट्टानों के ढेर में तबदील हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की घासणियां भी बा$ढ में तबाह हो गई हैं। इसके अलावा तुहनी, बॉंस, ब्यूहल, कराले, अखरोट व सफेदा सहित सैंक$डों पे$ड भी बह गये हैं। कुछ किसानों के केले के पौधे भी पूरी तरह से नष्ट हो गये हैं तथा धान व मक्की की फसल पूरी की पूरी तबाह हो चुकी है। उपरोक्त चार गॉंवों का ४-५ किलोमीटर का क्षेत्र इस प्राकृतिक आपदा में बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। कोलंग स्थित सरकारी स्कूल के दो कमरे व कमरों में रखा लाखों का सामान पूरी तरह बा$ढ में बह गये हैं। स्कूल के लिए जाने वाले रास्ते व गॉंवों को जो$डने वाले कई रास्तों का नामोंनिशान मिट चुका है। हिमाचल किसान सभा व कोलंग पंचायत से आये प्रतिनिधिमण्डल ने जिला प्रशासन से मांग की कि जिला प्रशासन के नेतृत्व में शीघ्र ही एक उच्च स्तरीय टीम प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया जाए। उन्होंने मांग की कि भारी तबाही को गंभीरता से लिया जाए तथा उपरोक्त गॉंवों के सभी प्रभावितों को तुरंत फौरी आर्थिक सहायता व अन्य प्रकार से मदद दी जाए।
प्रशासन करेगा आज प्रभावित गांव का दौरा
ए.डी.सी व ए.डी.एम ने किसान सभा व प्रभावितों की मांगों पर गंभीरता से अमल करने व जल्दी ही सभी प्रभावितों को मदद देने का आश्वासन देने का भी भरोसा दिलाया है। वहीं कल 11 बजे ही एडीएम मंडी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल प्रभावित पंचायत का दौरा भी करेगा जिसमें पूरा प्रशासनिक अमाला भी शामिल होगा। कुशाल भारद्वाज, परस राम भूपेन्द्र सिंह व प्रभावितों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि जल्दी ही सभी आपदा प्रभावितों को फौरी सहायता नहीं मिली व पुननिर्माण कार्य आरम्भ नहीं हुए तो किसानों को मजबूरन संघर्ष के लिए बाध्य होना पड़ेगा, क्योंकि 4 गॉंवों के वाशिंदों को हर समय खतरा मंडरा रहा है। इस अवसर पर कोलंग पंचायत के पान सिंह, गोपाल सिंह, सुरेश कुमार, कालीदास, ज्ञान चंद, दीप सिंह, प्रेम सिंह, निकू राम, गुलाब सिंह, भीम सिंह, राजेन्द्र सिंह, रोशन लाल धर्म सिंह, सोहन सिंह व कृष्ण चंद भी शामिल थे। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमन्त्री व अन्य मंत्रियों को भी ज्ञापन दिये गये। कुशाल भारद्वाज ने एडीएम व एडीसी को अवगत करवाया कि

आहलुवालिया कन्स्ट्रंक्शन कंपनी कर रही मजदूरों का शोषण
मंडी, 17 जुलाई (पुंछी) : आई.आई.टी. कमांद के निर्माण कार्य में लगी आहलुवालिया कन्स्ट्रंक्शन कंपनी वहां कार्यरत मजदूरों का शोषण कर रही हैं और उन्हें श्रम कानूनों के प्रावधानों के अनुसार ओवर टाईम और लीव सेलरी अदा नहीं कर रही हैं। हालांकि मामले को लेकर सीटू से संबंधित भवन निर्माण यूनियन ने क्षेत्रीय श्रम आयुक्त चंडीग$ढ और राज्य श्रम प्रवर्तन अधिकारी शिमला को 2 माह पूर्व शिकायत की थी। जिस पर श्रम विभाग के अधिकारियों ने आहलूवालिया कन्स्ट्रक्शन कंपनी को साल में 240 दिन पूरा कर चुके मजदूरों को छंटनी के समय एक माह की लीव सेलरी और रविवार तथा 8 घंटे से अधिक कार्य करवाने पर दो गुणा ओवर टाईम अदा करने के निर्देश दिये थे। लेकिन बाबजूद अभी तक आहलुवालिया कन्स्ट्रंक्शन कपंनी ने इन आदेशों को भी नहीं माना हैं। जिस कारण यूनियन ने दोबारा श्रम विभाग को इस बारे स्मरण पत्र दिया हैं और उसमें चेतावनी दी है कि

मजदूरो ने दिया कंपनी को दिया 20 जुलाई तक का अल्टीमेटम
आई.आई.टी. कमांद के निर्माण कार्य में लगी आहलुवालिया कन्स्ट्रंक्शन कंपनी में कार्यरत मजदूरो ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी ने मांगों को 20 जुलाई तक पूरा नहीं किया तो यूनियन को मजबूरन ह$डताल करनी प$डेगी जिसकी पूरी जिम्मेवारी कंपनी, केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग व श्रम विभाग की होगी। यूनियन के प्रधान लाल सिंह, उपप्रधान राधा देवी, रीता देवी, सचिव भीम चंद, सह सचिव दिले राम, रतन लाल, यादवेन्द्र,भूपेन्द्र कौशल ने कंपनी प्रशासन से इन मांगों को जल्दी पूरा करने की मांग की हैं। सीटू जिला प्रधान भूपेन्द्र सिंह ने केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग जो इस कार्य को करवाने के लिए सरकार की तरफ से अधिकृत विभाग हैं उससे इस मामले में जल्दी हस्तक्षेप करने की मांग की हैं।

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