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फोरेवर यंग रहना चाहते हैं तो अपनाएं ये देसी नुस्खें

रिया  गुलेरिया ,(धर्मशाला )

युंगउम्र बढ़ने के साथ शारीरिक जरूरतों में भी परिवर्तन आना शुरू हो जाता है। बचपन और जवानी में कुछ भी खाया पीया आसानी से पच जाता है मगर बढ़ती उम्र के साथ पचन शक्ति कमजोर हो जाती है। कुछ फल और सब्ज़ियां एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं, जो फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करती हैं। फ्री रेडिकल्स स्किन और पूरी हेल्थ को डैमेज करते हैं इसीलिए रोजाना एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर फल और सब्ज़ियां खाने से स्किन पर रिंकल नहीं होते और हेल्थ भी अच्छी रहती है।  फोरेवर यंग रहना चाहते हैं तो अपनाएं ये देसी नुस्खें

– अपनी त्वचा को बढ़ती उम के प्रभाव से बचाने के लिए अपने चेहरे को बर्फ जैसे ठंडे पानी से साफ करें।

– खीरे का लेप त्वचा पर लगाएं। सलाद के रूप में खीरा खाएं भी ये त्वचा में कसावट लाता है और आपको ताजगी का एहसास करवाता है।

– बढ़ती उम्र में अकसर कब्ज की शिकायत रहती है। पपीते में रोजमर्रा के लिए आवश्यक तत्व मिनरल्स, विटामिन्स और प्रोटीन उचित मात्रा में होते हैं। कब्ज के लिए सुबह-शाम 100 ग्राम पपीते का सेवन करें।

– दही में मौजूद लैक्टोबैसिलस नामक बैक्टीरिया फंगस से संबंधित संक्रमणों से लड़ता है और विभिन्न रोगों से लडऩे में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में सहायक होता है।  दही की सही खपत शरीर को ताकत देती है। 

– टमाटर का सेवन करने से पेट में भारीपर,एसिडिटी, झुर्रियों, चेहरे के दाग धब्बों और कब्ज से छुटकारा पाया जा सकता है।

– फलों का सेवन रोटी के साथ नहीं करना चाहिए। फलों को अकेले ही खाएं। तभी इससे पूरा लाभ उठा सकते हैं। अमरूद, नाशपाती, सेब आदि फल छिलके सहित खाएं। कुछ फलों के छिलके कड़वे, सख्त और कसैले होते हैं। ऐसे फलों के छिलके उतार कर खाएं। खाली पेट फल खाने से फलों का पूरा लाभ मिलता है। माना जाता है कि सुबह फलों का सेवन उत्तम होता है, दोपहर को मध्यम और रात्रि को निम्र प्रभाव होता है। जिस मौसम में जो फल उत्पन्न होते हैं और बाजार में बहुत मात्रा में उपलब्ध होते हैं, वही फल खाने चाहिएं क्योंकि प्रकृति के अनुरूप ही उस मौसम में फल उगते हैं।

– बादाम का छिलका एंटी ऑक्सीडैंट्स का बढिय़ा स्रोत है। बादाम के छिलके में मौजूद फ्लेवनॉएड्स इसमें मौजूद विटामिन ई के साथ मिलकर एंटी ऑक्सीडैंट गुणों को दोगुना कर देते हैं। बादाम के छिलके में पॉलीफिनोल्स भी होते हैं जो हृदय रोगों के खतरे को कम करते हैं और बुरे कोलैस्ट्रॉल की ऑक्सीडेशन को रोकते हैं जो धमनियों को नुक्सान पहुंचाता है। बादामों में फाइबर, प्रोटीन, फैटी एसिड्स, विटामिन्स, मिनरल्स तथा फाइटोन्यूट्रीएंट्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं

– रोगमुक्त, खुशहाल और लंबी जिंदगी जीना चाहते हैं तो अपने आहार में सब्जियों की मात्रा बढ़ाकर, हर दिन इनकी कम से कम पांच खुराक लीजिए। सब्जियों के अधिक सेवन से सभी तरह की बीमारियों, खासतौर से दिल की बीमारियों के कारण होने वाली मृत्यु का खतरा कम होता है।

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