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फीस बढ़ाने पर गरजी एससीए

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शिमला, 22 अप्रैल – हिमाचल प्रदेश विवि में एससीए ने सोमवार को ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा फार्म के नाम पर प्रशासन ने छात्रों पर बढ़ाए गए आर्थिक बोझ फीस वृद्धि और छात्रों की मांगों को लेकर परिसर में धरना प्रदर्शन किया। धरने के दौरान एससीए ने अधिष्ठाता अध्ययन सुरेश कुमार और कुलसचिव मोहन झारटा को ज्ञापन सौंपा। विवि प्रशासान ने धरने को दबाने के लिए भारी संख्या में पुलिस कर्मी और क्विक रिएशन टीम तैनात रहीं। विवि में धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। एससीए अध्यक्ष राजन हाटा और सचिव पियूष सेवल ने आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों को गुमराह किया जा रहा है, और उनको सुविधाएं देने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर जब छात्र संगठन अधिष्ठाता अध्ययन के पास गए तो उनकी बात को अनसुनी कर दिया गया और सभी छात्रों से दुर्व्यवहार भी किया गया। परीक्षा फार्म में फीस वृद्धि को लेकर प्रशासन के पास कोई तर्क नहीं है। जिस कारण विवि प्रशासन छात्रों से इस विषय पर बात भी नहीं कर रहा है। विवि ने परीक्षा फार्म को 15 दिनों के बाद जारी किया है, और परीक्षा का अंतिम तिथि 29 अप्रैल रखी गई है। व्यवस्था के कारण छात्रों को फार्म भरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन के आधे-अधूरे ऑनलाइन फार्म के कारण छात्रों पर अतिरिक्ति बोझ पड़ रहा है। इसके अलावा प्रशासन छात्रों से प्रोस्पेक्टस के 160 रुपए और परीक्षा शुल्क 120 रुपए अलग से वसूल कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों से धोखा किया जा रहा है, और एक ही विषय में सबसीडाइज और नान सबसीडाइज फार्म के छात्रों से 280 रुपए दो बार लिए जा रहे हैं। जब छात्रों को प्रोस्पेक्टस नहीं दिया जा रहा है तो पैसे किस बात के वसूले जा रहे है। एससीए के आग्रह पर परीक्षा फार्म के मुद्दे पर कुलसचिव और अधिष्ठाता छात्र कल्याण संघ ने बैठक करने का वादा किया है। एससीए ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि परीक्षा फार्म के शुल्क में 160 रुपए को वापिस नहीं लिया गया और छात्रों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो विवि के आम छात्रों को लामबंद कर आंदोलन को उग्र किया जाएगा, जिसका जिम्मेदार विवि प्रशासन होगा।

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